हालांकि इन नियमों की सिफारिश भी सड़क सुरक्षा कमेटी ने की थी। इनके तहत जब भी कोई नई कार या बाइक-स्कूटर आदि खरीदी जाएगी तो संबंधित डीलर मौके पर ही थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कराने की व्यवस्था करेगा। इसमें कार का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस तीन साल के लिए और बाइक आदि का 5 साल के लिए बीमा होगा। इसके बाद वाहन मालिक को हर साल इंश्योरेंस का नवीनीकरण कराना पड़ेगा।
ये नियम लागू होने के एक माह बाद सभी राज्य अपने अपने क्षेत्र में वाहनों की जांच पड़ताल कर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का पालन सुनिश्चित करेंगे। कमेटी के मुताबिक, देश में करीब 15 करोड़ वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से करीब साठ फीसदी गाड़ियां ऐसी हैं, जिनका थर्ड पार्टी इंश्योरेंस नहीं होता।
पिछले साल 146377 लोग सड़क हादसों में मारे गए थे....
परिवहन मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल 146377 लोग सड़क हादसों में मारे गए थे, जबकि साल 2016 में यह आंकड़ा 150935 था। 2015 में भी 146133 लोगों की सड़क हादसों में जान चली गई थी। देश में हर एक घंटे 55 सड़क हादसे होते हैं, जिनमें 17 लोग मारे जाते हैं।