वकील युग चौधरी ने पुलिस चार्जशीट के झोल की तरफ भी अदालत का ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा, चार्जशीट में एक दस्तावेज दो जनवरी, 2018 को नागपुर में हुई बैठक की मिनट्स बताया गया है। इसके मुताबिक, भारद्वाज और सह आरोपी शोमा सेन माओवादी कैडर की इस बैठक का हिस्सा थीं, जिसमें कथित तौर पर बम बनाने आदि पर चर्चा की गई।
चौधरी ने आगे कहा, हालांकि पुलिस की तरफ से रिकॉर्ड में दर्ज की गई सेन और भारद्वाज की कॉल डिटेल्स के हिसाब से शोमा उस तारीख को मुंबई में और भारद्वाज फरीदाबाद में अपने घर पर थीं।