हाईकोर्ट ने भी बताई है सीबीआई से जांच कराने की जरूरत
संघ कार्यकर्ता की विधवा की ओर से पेश हुए वकील ने हाईकोर्ट से कहा कि इस मामले की जांच सीबीआई से करवाना जरूरी है क्योंकि इस घटना के सीमा पार प्रभाव थे और इसमें एक प्रतिबंधित संगठन की कथित संलिप्तता थी। पुलिस की ओर से और समय दिए जाने के अनुरोध को देखते हुए हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई की अगली तारीख 18 फरवरी नियत कर दी। अदालत ने 31 जनवरी को कहा था कि इस मामले के कुछ पक्षों की जांच सीबीआई द्वारा करवाए जाने की जरूरत है।
पिछले साल 15 नवंबर को हुई थी हत्या, कई गिरफ्तार किए गए
15 नवंबर 2021 को आरएसएस कार्यकर्ता ए संजीत (27) को हत्या कर दी गई थी जब वह अपनी पत्नी को उसके काम के स्थान पर ले जा रहे थे। इस मामले में पुलिस पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के एक पदाधिकारी समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार पीएफआई पदाधिकारी संजीत ही हत्या में सीधे तौर पर संलिप्त था। भाजपा और संघ ने इस वारदात के लिए सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) को जिम्मेदार बताया है।