गरीबी की मार से तंग आकर डेढ़ दशक पहले रोजीरोटी की तलाश में दिल्ली गया ओमप्रकाश के अमीर बनने से वहां की क्राइम ब्रांच के रडार पर आ गया है। दिल्ली के पालम थाने की पुलिस भी उसका इतिहास खंगालने में जुटी है। दिल्ली की क्राइम ब्रांच की टीम ने इसी सप्ताह तिलहर आकर ओमप्रकाश की संपत्ति खंगाली।
तिलहर थाना क्षेत्र के गांव रूजवारी में दलित रामलाल के पांच बेटों में ओमप्रकाश तीसरे नंबर का है। ओमप्रकाश की मां सुरजा गांव के परिषदीय स्कूल में रसोइया थीं। उन्हें एक साल पहले स्कूल से हटा दिया गया। डेढ़ दशक पहले गरीबी से तंग आकर ओमप्रकाश पत्नी के साथ दिल्ली चला गया था। कुछ साल मेहनत मजदूरी की। बताते हैं कि इसी दौरान उसकी एक तेल कारोबारी से मुलाकात हो गई और फिर वह उसके साथ ही धंधे में लग गया।
पेट्रोलियम उत्पादों के कारोबारी से जुड़ने के कुछ समय बाद ही ओमप्रकाश ने दिल्ली के पालम इलाके में दो सौ गज का प्लाट खरीद कर पांच मंजिला इमारत खड़ी कर ली। उसने पैतृक गांव रूजवारी और फिरोजपुर में 18 बीघा जमीन खरीद ली। इतना ही नहीं तिलहर में गैस एजेंसी के पास पौन बीघा का प्लाट खरीद लिया।