केरल के सबरीमाला मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे ट्रांसजेंडरों के एक समूह को पुलिस ने रविवार को बैरंग लौटा दिया। ट्रांसजेंडरों ने पुलिस पर परेशान करने का आरोप लगाया है। उनका है कि मंदिर में उनके दर्शन पर किसी तरह की रोक नहीं है, बावजूद इसके पुलिस ने उन्हें परेशान किया और दर्शन करने से रोका।
पूरे मामले पर सफाई देते हुए पुलिस ने कहा कि इस मुद्दे पर कुछ और कानूनी स्पष्टता की आवश्यकता है।
अनन्या, तृप्ति और रेंजुमोल और अवंतिका ने कहा, ‘वे पारंपरिक तीर्थयात्रा पोशाक काली साड़ी में दर्शन के लिए जा रहे थे। पुलिस ने मंदिर से करीब 60 किमी दूर हमें रोक लिया। इसके बाद हमें पुरुषों का कपड़ा पहनने को कहा गया।’ अनन्या ने कहा, ‘हम पुरुषों का कपड़ा नहीं पहनना चाहते थे। प्रतिबंधित आयु (10 से 50 साल) की महिलाओं पर लगी रोक हमारे ऊपर लागू नहीं होता है।
हम पुलिस के इस रवैया के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।’ हालांकि, कोट्टायम के पुलिस अधीक्षक एस हरिशंकर ने परेशान करने के ट्रांसजेंडरों के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा, ‘सभी को सबरीमाला मंदिर में दर्शन का अधिकार है। इस संबंध में कुछ और कानूनी स्पष्टता की जरूरत है। जल्द ही हम हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।’