पुलिस ने प्रयास किया कि यह वाहन सुरक्षित जेल के अंदर पहुंच जाएं, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने जेल के गेट पर तैनात पुलिस से धक्का-मुक्की शुरू कर दी और अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटने के लिए कहा। लेकिन जब वे नहीं माने, तो हालात को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके बाद भी तनाव बना हुआ है। भीड़ थोड़ा पीछे हटी है लेकिन अब भी वहां से पूरी तरह नहीं हटी है।
इलाके के हालात को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और जेल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इससे पहले दोपहर में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल (एनईआईएफ) के मुख्य आयोजक श्यामकानु महंता, जुबीन के प्रबंधक सिद्धार्थ शर्मा, उनके रिश्तेदार और पुलिस अधिकारी संदीपन गर्ग और उनके दो निजी सुरक्षा अधिकारी नंदेश्वर बोरा और प्रवीण बैश्य को कामरूप के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया गया था। पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
कोर्ट ने उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आदेश दिया कि उन्हें ऐसी जेल में भेजा जाए, जहां कम से कम कैदी हों। इसी वजह से उन्हें बाक्सा जिले की मुसलपुर जेल में स्थानांतरित किया गया। यह जेल दो महीने पहले शुरू हुई है और अभी वहां कोई अन्य कैदी नहीं है। गौरतलब है कि असम के लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग का निधन 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय हो गया था।
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने बक्सा जिले में दूरसंचार सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।