पुलिस का नाम आते ही दिमाग में उसका एक ही चेहरा लोगों के सामने आता है। पुलिस का यह चेहरा शायद ही किसी ने पहले देखा हो वह था तारणहार का। हुआ कुछ यूं कि डिडौली कोतवाली क्षेत्र में एक कार की टक्कर लगने के बाद एक टैंपो दस फीट गहरे फैक्ट्री के नाले में गिर गया। सवारियों कीचड़ से भरे नाले में डूबने लगीं। इस बीच सूचना पर पहुंचे जीवाई चौकी इंचार्ज सवारियों की हालत देख कपड़े उतार कीचड़ से भरे नाले में कूद पड़े और एक-एक कर सवारियों को बाहर निकाला। दो घायलों को टीएमयू में भर्ती कराया गया है।
अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के हुसैनपुरा गांव निवासी प्रभु की मुरादाबाद में रिश्तेदारी है। वह मुरादाबाद जाने के लिए टैंपो में सवार हो गए। पत्नी रेशमी भी साथ थी। असमोली थाना क्षेत्र के भवालपुर गांव निवासी नूतन एएनएम छात्रा है। वह भी इसी टैंपो से कॉलेज जा रही थी।
इधर डिडौली कोतवाली के अलीनगर सहसपुर गांव निवासी मोहम्मद सलीम बाइक से मुरादाबाद जा रहा था। टैंपो एक फैक्ट्री के सामने पहुंचा था। इसी दौरान दिल्ली की तरफ से जा रही बेकाबू तेज गति सैंट्रो कार ने सलीम की बाइक को टक्कर मार दी।
टक्कर लगने के बाद बाइक दस फीट दूर जाकर गिरी। बाइक को रौंदने के बाद कार ने टैंपो को जोरदार टक्कर मारी। जिससे टैंपो हाईवे किनारे फैक्ट्री के दस फीट गहरे गंदे नाले में जाकर पलट गया। चालक टैंपो से कूद भागा, लेकिन टैंपो सवार छात्रा और दंपति घायल हो गए।
दस फीट दूर गिरने के कारण बाइक सवार सलीम गंभीर रूप से घायल हो गया। चीख पुकार सुन आसपास के लोग दौड़े। सूचना पाकर जीवाई पुलिस चौकी इंचार्ज संजीव कुमार पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने चौकी पुलिस सेंट्रो पकड़ने भेज दी। टैंपो सवारों को निकालने के लिए चौकी इंचार्ज ने कपड़े उतार नाले में छलांग लगा दी। कड़ी मशक्कत के बाद नाले से छात्रा और दंपति को बाहर निकाला। दंपति की हालत गंभीर होने पर टीएमयू में भर्ती कराया गया। छात्रा और सलीम को परिजन निजी अस्पताल में ले गए। पुलिस ने पीछा कर सेंट्रो पकड़ ली।