पूर्व सांसद अतीक अहमद के लिए करीब एक महीने पहले शियाट्स में किया गया बवाल बेहद भारी पड़ गया है। इस घटना में बेहद किरकिरी होने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश ने विधानसभा चुनाव में अतीक अहमद का कानपुर कैंट इलाके से पूर्व में घोषणा के बावजूद टिकट काटा तो पुलिस भी एक्शन मोड में आ गई। खुल्दाबाद थाने की पुलिस ने चुनाव के दौरान गड़बड़ी की आशंका के चलते अतीक अहमद और उनके 22 करीबियों के खिलाफ मिनी गुंडा एक्ट लगाया है।
इंस्पेक्टर खुल्दाबाद तुषार त्यागी ने बताया कि पूर्व सांसद अतीक अहमद और उनके 22 करीबियों पर 110 (घ) सीआरपीसी के तहत केस लिखा गया है। इसे पुलिस की भाषा में मिनी गुंडा एक्ट कहा जाता है। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चल रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि पाबंद करने के बाद अगर कोई व्यक्ति गड़बड़ी करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अतीक पर पहले भी गैंगस्टर एक्ट और कई बार गुंडा एक्ट लग चुका है। गैंगस्टर एक्ट के तहत दो बार अदालत के आदेश पर उनकी संपत्तियों की कुर्की भी हो चुकी है।
करीब सवा महीने पहले नैनी में रीवा रोड स्थित शियाट्स में अतीक अहमद की मौजूदगी में शिक्षकों, कर्मचारियों, गार्ड पर हमले का मामला कई दिन तक सुर्खियों में रहा था। उसी घटना के बाद चर्चा थी कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कानपुर के कैंट से अतीक को मिला टिकट काट सकते हैं। यही हुआ भी।