इस मामले में पूरा विपक्ष एक हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव, बसपा प्रमुख मायावती, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने ममता बनर्जी से फोन पर बात की है। सभी ने ममता बनर्जी से बात कर के मजबूती के साथ जमे रहने को कहा है।
सीबीआई मुख्यालय से जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव के अनुसार, सीबीआई कानून के तहत कानूनी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से ही इस चिटफंड मामले की तफ्तीश के लिए निर्देश दिया गया था।
उन्होंने कहा कि सीबीआई की टीम इस मामले में अब हुई तफ्तीश के बाद तमाम सबूतों और दस्तावेजों के आधार पर ही कार्रवाई करते हुए पूछताछ की प्रक्रिया करना चाहती है लेकिन इस मामले में राज्य सरकार के द्वारा उन्हें रोका जा रहा है।
लालू प्रसाद ने कहा- मोदी सरकार में लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश। तानाशाही का नंगा नाच चल रहा है। उन्होंने कहा कि हम ममता बनर्जी के साथ खड़े हैं। उनके ट्विटर हैंडिल पर उनकी बातें शेयर की जा रही है।
सोमवार को चुनाव आयोग से मिलेगा भाजपा का प्रतिनिधिमंडल।
तेलगू देशम पार्टी प्रमुख चंद्र बाबू नायडू ने भी ममता बनर्जी से फोन पर बात की।
अंतरिम सीबीआई प्रमुख एम नागेश्वर राव ने कहा कि हमलोग सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चिटफंड केस की जांच कर रहे थे। राजीव कुमार की अगुआई में एसआईटी ने जांच की थी। उन्होंने सारे सबूत और कागजात रख रखे थे। हमारी जांच में वह मदद नहीं कर रहे थे।
ममता बनर्जी के धरने को सपा प्रमुख व यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का समर्थन।
सीबीआई के पांचों गिरफ्तार अधिकारियों को छोड़ दिया गया है। हालांकि किसी भी अधिकारी ने मीडिया से बातचीत करने से मना कर दिया। शेक्सपियर सरानी पुलिस स्टेशन पर सभी को रखा गया था।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मेट्रो चैनल, कोलकाता में 'संविधान बचाओ' धरना पर बैठी हुई हैं। कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार भी मौजूद हैं।
सीबीआई दफ्तर के बाहर सीआरपीएफ को तैनात किया गया है। कुछ घंटे पहले तक यहां कोलकाता पुलिस ने घेर रखा था।
ममता बनर्जी धरना पर बैठी है। सीएम फोन पर बात कर रही हैं और नारे लगा रहे समर्थकों से शांत होने की अपील की।
सीबीआई के 5 गिरफ्तार अधिकारी छोड़े गए। कोलकाता पुलिस ने कहा कि सीबीआई के सभी अधिकारियों को छोड़ दिया गया है।
मेट्रो स्टेशन के बाहर धरने पर बैठ गईं सीएम ममता बनर्जी।
तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि कल सीएम ममता बनर्जी धरना पर बैठेंगी। लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने संविधान को बर्बाद कर दिया। यह क्या था कि सीबीआई के 40 अधिकारी को कमिश्नर को भेज दिया।
ममता बनर्जी ने कहा कि कल बजट पेश नहीं करुंगी। मेट्रो स्टेशन के बाहर मोदी सरकार के खिलाफ धरने पर बैठेंगी।
ममता बनर्जी का एलान: मोदी सरकार के खिलाफ कल से धरना पर बैठूंगी।
ममता बोली- राजीव कुमार सबसे बेहतरी अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि मोदी हटाओ, देश बचाओ।
ममता ने कहा कि नरेंद्र मोदी बदले की राजनीति कर रहे हैं। भाजपा की एक्सपायरी डेट आ गई है।
ममता ने कहा कि देश में आपातकाल से भी बुरा हाल है। नरेंद्र मोदी और आमित शाह दोनों पार्टनर मिलकर बस परेशान कर रहे हैं।
ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने 19 को कोलकाता में विशाल रैली की थी, जिससे वे लोग घबरा गए हैं। रैली के बाद से ही वे लोग पीछे पड़ गए हैं।
ममता बनर्जी बोली- अब हमारा धैर्य जवाब दे रहा है। पूरा देश नरेंद्र मोदी से परेशान है। भाजपा चोर पार्टी है, हम नहीं।
केंद्र सरकार के पास एजेंसी सीबीआई है। राज्य सरकार के पास भी स्टेट पुलिस है। पुलिस ने मामले में जांच की है।
बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी थोड़ी ही देर में मीडिया से मुखातिब होंगी। फिलहाल पश्चिम बंगाल के डीजीपी और पुलिस के अन्य आलाधिकारियों के साथ वह कमिश्नर के घर के अंदर बैठक कर रही है।
भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने इस मामले पर कहा कि सीबीआई एक संवैधानिक संस्था है। कमिश्नर के घर पूछताछ के लिए पहुंची थी, लेकिन ममता सरकार ने उसे रोक दिया।
इससे पहले उन्होंने कहा था कि कही इन कमिश्नर साहब ने तो आपके एवं आपकी पार्टी द्वारा किये गए 40000 करोड़ के चिटफंड घोटाले की फ़ॉइलो को दबाने में मदद तो नही की है?
बिना कारण के CBI जैसी उच्चराष्ट्रीय संस्था की कार्यवाही के चलते इन साहब को ईमानदारी का सर्टिफिकेट देने की क्या जरूरत आन पड़ी?
कोलकाता के मेयर फिरहाद हाकिम पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पहुंचे। यहां सीएम ममता बनर्जी यहीं हैं और अंदर पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत कर रही हैं।
पश्चिम बंगाल में चर्चित चिटफंड घोटाला मामले में सीबीआई की एक बड़ी टीम रविवार को कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पहुंची। उनके घर पर सीबीआई द्वारा वारंट या कोई अन्य आदेश नहीं दिखा पाने के कारण स्थानीय पुलिस के साथ उनकी हाथापाई हुई। खबर मिलते ही सीएम ममता बनर्जी, डीजीपी व अन्य आलाधिकारियों संग कमिश्नर के घर पहुंची और इसके बाद सीबीआई के पांच अधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, सीबीआई रोज वैली और सारदा चिटफंड घोटाले के मामलों के सिलसिले में कुमार से पूछताछ के मकसद से उन्हें तलाश रही है और अंतिम उपाय के तौर पर पुलिस आयुक्त को गिरफ्तार भी किया जा सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि इन घोटालों की जांच के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा गठित एसआईटी की अगुवाई कर चुके आईपीएस अधिकारी कुमार से गायब दस्तावेजों और फाइलों के बाबत पूछताछ करनी है, लेकिन उन्होंने जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए जारी नोटिसों का कोई जवाब नहीं दिया है।
उन्होंने बताया कि सीबीआई की टीम जब कुमार के आवास पर पहुंची तो उसे वहां तैनात कर्मियों एवं संतरियों ने बाहर ही रोक दिया।
कोलकाता पुलिस के अधिकारियों की एक टीम सीबीआई अधिकारियों से बातचीत के लिए मौके पर पहुंची और यह पता लगाने की कोशिश की कि क्या उनके पास कुमार से पूछताछ करने के लिए जरूरी दस्तावेज थे।
पश्चिम बंगाल कैडर के 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी कुमार ने चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए पिछले दिनों कोलकाता आए चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया था।
रविवार को कोलकाता पुलिस ने एक बयान जारी कर उन खबरों को सिरे से खारिज किया था कि कुमार ड्यूटी से गायब हैं।
पुलिस ने कहा कि कृपया गौर करें कि कोलकाता के पुलिस आयुक्त न केवल शहर में उपलब्ध हैं बल्कि नियमित आधार पर दफ्तर भी आ रहे हैं। सिर्फ 31 जनवरी 2019 को वह दफ्तर नहीं आए, क्योंकि उस दिन उन्होंने अवकाश लिया था। सभी संबंधित पक्ष कृपया गौर करें कि यदि उचित जांच के बगैर कोई खबर फैलाई जाती है तो कोलकाता पुलिस, कोलकाता के पुलिस आयुक्त एवं कोलकाता पुलिस दोनों की मानहानि के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू करेगी।