23 दिसंबर को विशाल गवली ने अपनी पत्नी साक्षी की मदद से कल्याण के चक्की नाका इलाके से लड़की का अपहरण किया था और बच्ची का यौन उत्पीड़न करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। मामले में आरोपी दंपती की पुलिस हिरासत को कोर्ट ने दो दिन के लिए बढ़ा दिया।
महाराष्ट्र के ठाणे में एक 12 वर्षीय बच्ची का अपहरण और हत्या के मामले में आरोपी दंपती की पुलिस हिरासत को दो दिन के लिए बढ़ा दिया गया। मामले में मुख्य आरोपी विशाल गवली और उसकी पत्नी साक्षी को गुरुवार पुलिस रिमांड खत्म होने पर जिला न्यायाधीश और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वी ए पत्रावले की अदालत में पेश किया गया।
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पुलिस ने अदालत से कहा कि घटना की जांच करने और आरोपियों के मोबाइल को बरामद करने के लिए आरोपी दंपती की रिमांड बढ़ाई जाए। क्योंकि दोनों आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के दौरान कसारा घाट खंड क्षेत्र में मोबाइल फेंक दिए थे।
आरोपियों के वकील ने अदालत से कहा कि अपराध की जांच पूरी हो चुकी है। इसलिए पुलिस हिरासत की आवश्यकता नहीं है। वकील ने यह भी कहा कि आरोपियों के रिश्तेदारों को पुलिस हिरासत में उनके साथ रहने की अनुमति दी जाए। क्योंकि उन्हें डर है कि उनको बदलापुर जैसी मुठभेड़ में मारा जा सकता है। अदालत ने यह याचिका ठुकरा दी।
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इसके बाद अदालत ने आरोपी दंपती की पुलिस हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी। वहीं आरोपियों को मौत की सजा देने की मांग करते हुए स्थानीय लोगों ने अदालत के बाहर मानव श्रृंखला बनाई। विरोध को देखते हुए यहां पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था।
घर के बाहर से हुआ था लड़की का अपहरण
23 दिसंबर को विशाल गवली ने अपनी पत्नी साक्षी की मदद से कल्याण के चक्की नाका इलाके से लड़की का अपहरण किया था और बच्ची का यौन उत्पीड़न करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार, दंपती ने इसके बाद शव को ऑटो रिक्शा से ले जाकर कल्याण-पद्घा रोड पर बापगांव में फेंक दिया। 24 दिसंबर को शव बरामद किया गया था और इसी दिन रात में साक्षी गवली को गिरफ्तार कर लिया गया था। जबकि उसके पति को इसके अगले दिन बुलढाणा जिले से पकड़ा गया था। विशाल कल्याण तहसील का रहने वाला है और उसकी तीसरी पत्नी साक्षी एक बैंक में काम करती थी।