असम में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। धुबरी जिले के जोगीमाया फेरी घाट पर पुलिस ने छापेमारी कर 36 लोगों को हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच में इन सभी के बांग्लादेशी नागरिक होने की बात सामने आई है। वहीं, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जानकारी दी है कि राज्य से 23 और अवैध प्रवासियों को उनके देश वापस भेज दिया गया है।
धुबरी में छापेमारी, 36 लोग हिरासत में
जोगीमाया फेरी घाट पर पुलिस की छापेमारी के दौरान पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। धुबरी जिले के एसएसपी देबाशीष बोराह ने बताया कि अब तक 36 लोगों की पहचान की गई है। जांच में मिले सुरागों से पता चला है कि ये सभी बांग्लादेश के नागरिक हैं। उन्होंने साफ किया कि अभी मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है और अब तक हिरासत में लिए गए लोगों में कोई भी भारतीय नागरिक नहीं मिला है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी आगे की कार्रवाई
एसएसपी के मुताबिक, पुलिस पूछताछ के साथ जरूरी सबूत भी जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये लोग असम कैसे पहुंचे और यहां कितने समय से रह रहे थे।
मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, 23 लोगों को भेजा वापस
इस बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी अवैध प्रवासियों के खिलाफ सरकार का रुख साफ कर दिया है। उन्होंने गुरुवार रात सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि 23 अवैध प्रवासियों को उनके देश वापस भेज दिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि इन लोगों को असम के किस जिले से वापस भेजा गया।
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'असम घुसपैठियों के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं'
मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा कि जिन 23 लोगों को वापस भेजा गया है, उन्हें समझ लेना चाहिए कि असम घुसपैठियों के लिए सुरक्षित जगह नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के हितों की रक्षा के लिए सरकार पूरी सख्ती बरतेगी और अवैध रूप से रह रहे लोगों को बाहर निकालने की कार्रवाई जारी रहेगी।