अधिकारी ने बताया कि सोलापुर जिले के मरकडवाड़ी गांव और आसपास के इलाकों में कुछ ग्रामीणों द्वारा मतपत्रों से पुनः चुनाव कराने की कोशिश करने के एक दिन बाद पुलिस ने एनसीपी (सपा) नेता उत्तम जानकर और 88 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
महाराष्ट्र चुनाव के बाद सोलापुर जिले के मरकडवाड़ी गांव और आसपास के इलाकों में कुछ ग्रामीणों द्वारा मतपत्रों से दुबारा चुनाव कराने की कोशिश कराने मामले में मुंबई पुलिस का एक्शन सामने आया है। जहां एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि सोलापुर जिले के मरकडवाड़ी गांव और आसपास के इलाकों में कुछ ग्रामीणों द्वारा मतपत्रों से पुनः चुनाव कराने की कोशिश करने के एक दिन बाद पुलिस ने एनसीपी (सपा) नेता उत्तम जानकर और 88 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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इससे पहले भी 200 ग्रामीणों पर मामला दर्ज
बता दें कि इससे पहले, 200 ग्रामीणों के खिलाफ निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया गया था। हाल ही में हुए चुनावों में मालशिरस विधानसभा सीट जीतने वाले जानकर और अन्य लोगों पर भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा होना और लोक सेवक के आदेशों की अवहेलना शामिल है।
अधिकारियों ने दी जानकारी
वहीं इस मामले में अधिकारियों ने बताया कि लगभग 250 से 300 लोग जानबूझकर निषेधाज्ञा तोड़कर और दूसरों को अवैध मतदान प्रक्रिया में भाग लेने के लिए उकसा कर "पुनः चुनाव" कराने की योजना बना रहे थे। मरकडवाड़ी में एक मतदान केंद्र के ईवीएम से गिनती में गड़बड़ी के आरोपों के बाद ग्रामीणों ने मतपत्रों के जरिए फिर से चुनाव कराने का विचार किया था। हालांकि, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद वे अपनी योजना से पीछे हट गए।
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बता दें कि एनसीपी (एसपी) नेता उत्तम जानकर ने हाल ही में हुए महाराष्ट्र चुनाव में भाजपा के राम सतपुते को 13,147 मतों से हराया था। हालांकि, मरकडवाड़ी के लोगों ने दावा किया कि जानकर को मिले वोट सतपुते से कम थे, और उन्होंने ईवीएम पर संदेह जताया।
सोलापुर जिला प्रशासन ने नहीं दी थी अनुमति
सोलापुर जिला प्रशासन ने ग्रामीणों को मतपत्रों से पुनर्मतदान कराने की अनुमति नहीं दी थी और निषेधाज्ञा लागू की थी। बावजूद इसके, ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह पुनर्मतदान की तैयारी की और मतदान सामग्री रखी। पुलिस ने जानकर और ग्रामीणों से मुलाकात की, उन्हें कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में समझाया और मामला दर्ज करने की चेतावनी दी। बाद में ग्रामीणों ने अपनी योजना रद्द कर दी। बता दें कि पुलिस ने मंगलवार शाम को 200 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।