पुणे के बिजनेसमैन और रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की जांच में एक अहम मोड़ आया है। पुणे ग्रामीण पुलिस ने गुरुवार को वे कपड़े बरामद किए, जो मुख्य आरोपी सिया गोयल ने घटना वाले दिन पहने थे। ये कपड़े सिया के घर से ज़ब्त किए गए हैं और अब इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि इन कपड़ों पर ऐसा कोई वैज्ञानिक साक्ष्य मौजूद है या नहीं, जिससे हत्या की पूरी वारदात की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
सिया को घर लेकर कब पहुंची पुलिस?
गुरुवार सुबह पुलिस की एक टीम सिया को उसके घर लेकर गई, जहां तलाशी के दौरान ये कपड़े बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार, फॉरेंसिक जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन कपड़ों से हत्या से जुड़े कोई महत्वपूर्ण सबूत मिलते हैं या नहीं। यह बरामदगी ऐसे समय में हुई है, जब पुणे ग्रामीण पुलिस इस पूरे मामले को सुनियोजित साजिश मानकर जांच कर रही है। जांच के मुताबिक, सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने लोहागढ़ किले में हत्या को अंजाम देने से पहले उसकी रिहर्सल भी की थी।
कहां दोबारा बनाया गया क्राइम सीन?
गुरुवार को पुलिस ने पुणे के लुल्ला नगर इलाके के एक खुले मैदान में घटनाक्रम का पुनर्निर्माण (क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन) भी किया। जांचकर्ताओं का मानना है कि इसी स्थान पर सिया और चेतन ने केतन अग्रवाल को चट्टान से धक्का देने की योजना का अभ्यास किया था और संभावित परिणामों का अंदाजा लगाया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने बताया कि लोहागढ़ किले में कथित हत्या से पहले उन्होंने लुल्ला नगर की पहाड़ी पर इसकी प्रैक्टिस की थी। यह इलाका मिलिट्री जोन के पास स्थित है। आरोपियों के इन बयानों के आधार पर पुलिस की एक टीम सुबह-सुबह मौके पर पहुंची और पूरी गोपनीयता के साथ वहां विस्तृत जांच की। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां का पंचनामा तैयार किया। उम्मीद है कि इसे अदालत में पेश किए जाने वाले अहम साक्ष्यों का हिस्सा बनाया जाएगा।
कब हुई थी केतन अग्रवाल की मौत?
26 वर्षीय केतन अग्रवाल की 18 जून को लोहागढ़ किले में चट्टान से नीचे धक्का दिए जाने के बाद मौत हो गई थी। पुलिस ने 20 वर्षीय सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी 22 वर्षीय चेतन चौधरी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। दोनों आरोपी 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में हैं।
क्या होगा आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट?
जांच एजेंसियां अदालत से दोनों आरोपियों का पॉलीग्राफ (झूठ पकड़ने वाला) टेस्ट कराने की अनुमति भी मांग रही हैं। पुलिस का मानना है कि इससे आरोपियों के बयानों की पुष्टि करने और जांच के कई अनसुलझे पहलुओं को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी। अधिकारी टेस्ट के नतीजों का मिलान अब तक जुटाए गए साक्ष्यों से भी करेंगे। जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से पहले आरोपियों ने इंटरनेट पर हत्या के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी खोजी थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हत्या से पहले सिया और चेतन लोहागढ़ किले का दौरा कर चुके थे, ताकि वे वहां की भौगोलिक स्थिति को अच्छी तरह समझ सकें और अपनी योजना का अभ्यास कर सकें। जांचकर्ताओं का यह भी मानना है कि दोनों ने पहले से यह भी तय कर लिया था कि घटना के बाद पुलिस पूछताछ में क्या जवाब देना है।
लोहागढ़ किले तक कैसे पहुंचा था चेतन?
पुलिस के अनुसार, चेतन चौधरी कथित तौर पर कार के बजाय स्कूटर से लोहागढ़ किले गया था, ताकि टोल प्लाजा का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड न बने और CCTV कैमरों में उसकी गतिविधियां कम से कम दर्ज हों। घटना में इस्तेमाल किया गया स्कूटर बाद में पुलिस ने जब्त कर लिया। जांचकर्ताओं ने बताया कि ट्रेकिंग के दौरान अपनी पहचान छिपाने के लिए चेतन ने हुडी पहन रखी थी। हालांकि, गर्मी के मौसम में इस तरह के कपड़े पहनना लोगों को असामान्य लगा और यही बात आगे चलकर जांच में एक महत्वपूर्ण सुराग साबित हुई।
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कब तैयार की गई थी साजिश?
पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल और चेतन चौधरी ने कथित तौर पर मई के आखिर तक हत्या की पूरी योजना तैयार कर ली थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।