महाराष्ट्र में पुणे के खड़की में एक गिरजाघर के पास कथित तौर पर अपने चार महीने के बेटे को छोड़ देने वाले एक दंपति को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। खड़की थाने के एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को सुबह की सैर पर निकले कुछ लोगों को शॉल में लिपटा तीन-चार महीने का शिशु दिखा था।
अधिकारी ने बताया कि लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी। शिशु को ससून जनरल अस्पताल में भेजा गया था और उसकी तस्वीर मोबाइल एप्स के माध्यम से प्रसारित कर दी गई थी। अधिकारी ने बताया कि थाने के पुलिसकर्मियों ने अपने सोशल मीडिया और मैसेजिंग एप्स पर शिशु की तस्वीर लगाई।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिशु की तस्वीर उसके मामा ने पहचान ली और उसने आरोपियों से संपर्क किया। तब आरोपियों ने दावा किया कि शिशु मर चुका है। पुलिस के अनुसार शिशु का मामा अपने बहन-बहनोई को अस्पताल लेकर गया और उनकी झूठ पकड़ा गया।। बाद में दंपति ने बच्चे को छोड़ देने की बात मान ली।
अधिकारी ने बताया कि दरअसल शिशु के पिता को संदेह था कि यह उसका बच्चा नहीं है और उसने पत्नी से कहा कि यदि वह उसके साथ रहना चाहती है तो बच्चे से मुक्ति पानी होगी। पुलिस के मुताबिक आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच चल रही है।