अमेरिकी नागरिक जॉन एलेन चाउ की अंडमान में सेंटिनेलिस समुदाय के लोगों ने तीर मारकर हत्या कर दी थी। वह अमेरिकी बेस्ड मिशनरी संगठन के सदस्य थे जो पूरी दुनिया में ईसाई धर्म को फैलाने का काम करती है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि क्या संगठन ने उन्हें दुनिया के आखिरी गैरसंपर्क वाले समुदाय का धर्म से परिचय करवाने के लिए भेजा था या नहीं।
अंडमान पुलिस को कुछ सबूत मिले हैं जिससे यह साबित होता है कि चाउ कंसास बेस्ड एक संगठन-ऑल नेशंस के लगातार संपर्क में था। यह पता उसके हाथों से लिखे नोट्स और उस शख्स से चला है जिसने 17 नवंबर को इस द्वीप के अंदर जाने में उसकी मदद की थी। इसी दिन आदिवासियों ने उन्हें मार दिया था। एक नोट में चाउ ने अपने कॉन्टैक्स से कहा था कि वह आदिवासियों से हुई अपनी बातचीत की डायरी तो अमेरिका के टेनेसी में रहने वाली महिला को सौंप दें ताकि वह इसे आगे ऑल नेशंस को दे दे।
यह सभी निर्देश बड़े-बड़े अक्षरों में लिखे हुए थे। सबसे पहले वाशिंगटन पोस्ट ने 28 नवंबर को 27 साल के शख्स का ऑल नेशंस के साथ रिश्ते के बारे में लिखा था। हालांकि यह पहली बार था जब उसके नोट्स और संगठन के बारे में प्रकाशित किया गया था। जांचकर्ता ने बताया कि पहले उन्हें लगा कि ऑल नेशंस का इस्तेमाल दूसरे देशों के लिए किया गया है। मगर आगे की जांच से उन्हें अहसास हुआ कि यह उस मिशनरी समूह के बारे में है जिसका चाउ हिस्सा था।
एक जांचकर्ता का कहना है कि नोट दिखाते हैं कि अंडमान पहुंचने पर भी चाउ संगठन के संपर्क में था। जांचकर्ताओं ने कहा कि मामले के संबंध में पोर्ट ब्लेयर के रहने वाले शख्स एलेक्जेंडर को गिरफ्तार किया गया है। उसका नाम चाउ के नोट्स में मिला है। उसने पुलिस को बताया कि चाउ ऑल नेशंस का सदस्य था। उसने यह भी बताया कि 53 साल की टेनिसी महिला और 25 साल के कोलारेडो में रहने वाला शख्स भी इसी संगठन के हैं। उन्होंने चाउ के साथ 5 और 10 नवंबर को अंडमान के एक सेफहाउस में बैठक की थी।