भारत में दिल्ली में कार्यरत पोलैंड के राजदूत एडम बुराकोव्सकी ने कहा कि भारत फिर मिलेंगे। एडम अब दक्षिण अफ्रीका में अपने नए कार्यकाल की शुरुआत करेंगे। भारत छोड़ने से पहले उन्होंने हिंदी में बात करते हुए कहा कि भारत फिर मिलेंगे।
हिंदी बहुत पसंद आई
एडम ने कहा कि भारत से 26 साल पुराना मेरा रिश्ता है। मैं 1997 में पहली बार एक टूरिस्ट की तरह भारत आया था। मैंने भारत में काफी जगह घूमी थीं। तभी मुझे भारत से प्यार हो गया था। मुझे हिंदी भाषा पसंद आई, मैंने हिंदी सीखना शुरू किया। भारतीय संस्कृति, इतिहास और राजनीति में रुचि विकसित की। मेहनत करते-करते मैं आज भारतीय राजनीति विज्ञान का विशेषज्ञ बन गया।
पोलैंड भी करता है भारत की मदद
पोलैंड में कुछ स्थानों का नाम महाराजाओं के नाम पर रखा गया है। क्योंकि, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, भारत ने 6000-7000 पोलैंड शरणार्थियों को शरण दी थी। पोलैंड भी भारत की मदद करता है। यूक्रेन-रूस युद्ध के दौरान लगभग 6000 भारतीय छात्रों को पोलैंड ने निकालने में मदद की। अब भारत और पोलैंड अधिक जुड़े हुए हैं। अधिक आर्थिक सहयोग और लोगों से लोगों के संबंध बढ़े हैं।