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गुलाम कश्मीर के लोगों ने पाक को टैक्स देने से किया इनकार, गिलगिट-बाल्टिस्तान में भारी विरोध प्रदर्शन

Sun, 19 Nov 2017 04:44 AM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला
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Protests in Gilgit-Baltistan (file photo) - फोटो : Twitter | @jamilnagri)
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पाकिस्तान सरकार के अनाप-शनाप टैक्स का विरोध कर रहे गुलाम कश्मीर के लोगों के भारी विरोध प्रदर्शन और बेमियादी हड़ताल के कारण आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ गई हैं। छोटे-बड़े सभी व्यापारियों ने अपने शटर गिरा दिए हैं। 
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उनका कहना है कि पाकिस्तान सरकार के बेजा टैक्स के कारण यहां के गरीब लोगों और व्यापारियों की कमर टूट गई है। भारी विरोध प्रदर्शनों के बावजूद पाकिस्तान का मीडिया इन खबरों को प्रकाशित नहीं कर रहा है। 

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स्कर्दू में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए उनके एक नेता ने सवाल उठाया कि क्या आप लोग पाकिस्तान सरकार को अपने घर में रखी मुर्गियों पर भी टैक्स देंगे? क्या आप दूध के लिए घर में पाली गई गायों पर भी कर अदा करेंगे? उक्त नेता के अनुसार अगर किसी घर में पांच से ज्यादा सदस्य हैं तो उसे अतिरिक्त टैक्स देना पड़ रहा है। अपने नेता के इस सवाल पर भीड़ ने जवाब दिया, ‘हम पाकिस्तान सरकार को टैक्स अदा नहीं करेंगे।’
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कराची, क्वेटा, लाहौर और पाकिस्तान के दूसरे इलाकों में रहने वाले गिलगिट-बाल्टिस्तान के लोगों से सतर्क रहने का आग्रह करते हुए उक्त नेता ने कहा कि मुल्क के दूसरे हिस्सों में रहने वाले लोगों तैयार रहो क्योंकि हम इस्लामाबाद की सत्ता से टकराने जा रहे हैं।

 पाकिस्तान सरकार का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के अनुसार यहां के व्यापारियों पर बार-बार नए टैक्स लगाए जा रहे हैं लेकिन उससे इकट्ठा किया गया धन यहां के विकास पर खर्च नहीं किया जा रहा है। यहां ना तो बुनियादी सुविधाएं है, ना सब्सिडी मिल रही है और ना ही नागरिकों को संवैधानिक अधिकार दिए गए हैं। 
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अधिकार नहीं तो टैक्स नहीं

प्रतीकात्मक चित्र - फोटो : ani
एक स्थानीय व्यापारी ने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने अध्यादेश के जरिए उन पर गैर-कानूनी टैक्स लाद दिया है। जब तक सरकार इस बेजा टैक्स को वापस नहीं लेगी, तब तक उनका पूरी ताकत और उत्साह के साथ उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

एक अन्य प्रदर्शनकारी के अनुसार, ‘इस्लाम का सिद्धांत है कि जो सरकार आपको अधिकार नहीं देती, उसे टैक्स नहीं देना चाहिए। पाकिस्तान सरकार में हमारा कोई नुमाइंदा नहीं है, तो फिर हम क्यों टैक्स चुकाएं।’

विवादित क्षेत्र से नहीं वसूल सकते टैक्स
गिलगिट-बाल्टिस्तान के व्यापारी वर्ग का आरोप है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने इस क्षेत्र को विवादित घोषित कर रखा है तो फिर पाकिस्तान सरकार को यहां से टैक्स वसूलने का कोई अधिकार ही नहीं है। उसके द्वारा वसूले जा रहे टैक्स गैर-कानूनी है और इसीलिए अस्वीकार्य हैं।

अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे व्यापारियों का कहना है कि वे टैक्स अदा नहीं करेंगे क्योंकि उससे प्राप्त रकम को पाकिस्तान के राजनेताओं की विलासिता भरी लाइफ स्टाइल पर खर्च किया जा रहा है।
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