पाकिस्तान सरकार के अनाप-शनाप टैक्स का विरोध कर रहे गुलाम कश्मीर के लोगों के भारी विरोध प्रदर्शन और बेमियादी हड़ताल के कारण आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ गई हैं। छोटे-बड़े सभी व्यापारियों ने अपने शटर गिरा दिए हैं।
उनका कहना है कि पाकिस्तान सरकार के बेजा टैक्स के कारण यहां के गरीब लोगों और व्यापारियों की कमर टूट गई है। भारी विरोध प्रदर्शनों के बावजूद पाकिस्तान का मीडिया इन खबरों को प्रकाशित नहीं कर रहा है।
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स्कर्दू में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए उनके एक नेता ने सवाल उठाया कि क्या आप लोग पाकिस्तान सरकार को अपने घर में रखी मुर्गियों पर भी टैक्स देंगे? क्या आप दूध के लिए घर में पाली गई गायों पर भी कर अदा करेंगे? उक्त नेता के अनुसार अगर किसी घर में पांच से ज्यादा सदस्य हैं तो उसे अतिरिक्त टैक्स देना पड़ रहा है। अपने नेता के इस सवाल पर भीड़ ने जवाब दिया, ‘हम पाकिस्तान सरकार को टैक्स अदा नहीं करेंगे।’
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कराची, क्वेटा, लाहौर और पाकिस्तान के दूसरे इलाकों में रहने वाले गिलगिट-बाल्टिस्तान के लोगों से सतर्क रहने का आग्रह करते हुए उक्त नेता ने कहा कि मुल्क के दूसरे हिस्सों में रहने वाले लोगों तैयार रहो क्योंकि हम इस्लामाबाद की सत्ता से टकराने जा रहे हैं।
पाकिस्तान सरकार का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के अनुसार यहां के व्यापारियों पर बार-बार नए टैक्स लगाए जा रहे हैं लेकिन उससे इकट्ठा किया गया धन यहां के विकास पर खर्च नहीं किया जा रहा है। यहां ना तो बुनियादी सुविधाएं है, ना सब्सिडी मिल रही है और ना ही नागरिकों को संवैधानिक अधिकार दिए गए हैं।