कश्मीर मामले में गृह मंत्री राजनाथ सिंह के बाद अब खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को दोटूक अंदाज में खरी-खरी सुनाई है। कश्मीर में जारी अशांति पर आयोजित सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री ने न सिर्फ कश्मीर को भारत को अभिन्न अंग बताया, बल्कि पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) को भारत का हिस्सा बताया।
प्रधानमंत्री ने लगे हाथ पीओके और बलुचिस्तान में हो रही ज्यादतियों को विश्व मंच पर लाने की जरूरत बताई। उन्होंने विदेश मंत्रालय को दुनिया भर में पीओके के लोगों से संपर्क साध कर उन पर हो रहे अत्याचारों को सार्वजनिक करने का निर्देश दिया। बैठक में शांति स्थापित करने के लिए हर संभव कदम उठाने की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने दो टूक शब्दों में राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न करने की घोषणा की।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने कश्मीर मामले में सभी दलों से मिले साथ का आभार भी जताया। गौरतलब है कि राज्यसभा में चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री ने कहा था कि पाकिस्तान पर अब कश्मीर पर नहीं सिर्फ पीओके पर ही बात होगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि दुनिया की कोई भी ताकत भारत से कश्मीर को अलग नहीं कर सकती।
सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए पीएम ने कहा कि जब हम जम्मू कश्मीर की बात करते हैं तो इसमें जम्मू, कश्मीर, लद्दाख और पीओके भी शामिल है। पीओके पर भारत का अधिकार है। पाकिस्तान पर सीधा हमला बोलते हुए पीएम ने कहा कि दुनिया को हकीकत पता है। दुनिया जानती है कि आतंकवाद को कहां से प्रोत्साहन मिलता है।
कश्मीर समस्या की जड़ सीमा पार आतंकवाद है। दुनिया कभी उसके दुष्प्रचार को स्वीकार नहीं करेगी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कश्मीर में आतंक का खेल शुरू होने के बाद 34000 एके 47 राइफल, 5000 से ज्यादा ग्रेनेड लांचर, 90 लाइट मशीनगन, 12000 पिस्तौल बरामद होने और पाकिस्तान से भेजे गए 5000 आतंकियों के मारे जाने की चर्चा की।