बीते 28-29 सितंबर की रात एलओसी उस पार पीओके में हुए सर्जिकल स्ट्राइक पर लगातार खुलासे हो रहे हैं। बुधवार को जहां अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने इस बाबत एक रिपोर्ट लगाई थी, वहीं सीएनएन-न्यूज 18 ने पीओके के एक पुलिस अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि भारत की सर्जिकल स्ट्राइक में पांच पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। सीएनएन-न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी की एक स्टिंग में उसके एक सीनियर से इस बाबत की गई बात रिकॉर्ड हुई है। इसमें वह एलओसी के उस पार सर्जिकल स्ट्राइक में हुई मौतों का जिक्र कर रहा है। खबर के मुताबिक, सर्जिकल स्ट्राइक की रात से वह परेशान है और उसने भारतीय सेना द्वारा किए गए दावों की पुष्टि की है।
पाकिस्तानी पुलिस अफसर गुलाम अकबर की दर्ज हुई बात के अनुसार, 'सर, रात का समय था... आप मोटे तौर पर रात के दो बजे से सुबह के 4-5 बजे के बीच 3-4 घंटे कह सकते हैं...उस दौरान लगातार हमले होते रहे।'
'पाकिस्तानी सेना को नहीं लगी भनक'
Indian Army
- फोटो : File Photo
पीओके के मीरपुर रेंज के स्पेशल ब्रांच के एसपी गुलाम अकबर से सर्जिकल स्ट्राइक की पुष्टि को सुना जा सकता है जो कि वास्तव में 29 सितंबर की सुबह हुई।
अकबर ने स्पष्ट तौर पर कहा कि पाकिस्तानी फौजों का स्ट्राइक की भनक नहीं लगी और पांच जवानों की जान चली गई। जवानों की पहचान तो हो गई, लेकिन उन्हें प्रसारित नहीं किया और उनके शव को पाकिस्तानी सेना ने मारे गए आतंकवादियों के साथ तत्काल हटा दिया।
स्टिंग ऑपरेशन में बयान की पूरी कहानी
भारतीय सेना
सीएनएन न्यूज 18 के मनोज गुप्ता ने पुलिस महानिरीक्षक मुश्ताक बनकर अकबर को फोन किया और उस रात की पूरी जानकारी मांगी। इसके बाद अकबर ने उस रात जिन-जिन इलाकों में हमले हुए, उसकी पूरी कहानी बयान कर डाली। उसने कहा कि उस रात भीमबेर के समाना, पुंछ के हाजिरा, नीलम के दूधनियाल तथा हथियान बाला के कायानी में हमले हुए।
उसने कहा कि भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के तत्काल बाद पाकिस्तानी सेना ने पूरे इलाके की घेरेबंदी कर दी थी। पाकिस्तानी पुलिस अधीक्षक ने कहा कि घटना के बाद पाकिस्तानी सेना शवों को ऐंबुलेंस में डालकर ले गई। उसने कहा कि कई शवों को गांव में ही दफन कर दिया गया। टेलिविजन चैनल ने दावा किया कि अकबर ने डायरेक्टर जनरल मिलिट्री आपरेशन (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह के एक-एक बयान की भी तस्दीक की।