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POJK Row: शरणार्थी सीटों के बहाने आतंकियों को सत्ता में बिठाने की साजिश; मुजफ्फराबाद में प्रदर्शन, UK तक चर्चा

Wed, 10 Jun 2026 12:10 PM IST
Jyoti Bhaskar आशुतोष भाटिया, नई दिल्ली।

सार

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में विवाद फिर सिर उठा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस संवेदनशील इलाके में शरणार्थी सीटों के बहाने आतंकियों को सत्ता में बिठाने की साजिश हो रही है। हिजबुल कमांडर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी- ISI के इशारे पर चुनाव जीत रहे हैं।
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पीओजेके में प्रदर्शन - फोटो : ANI
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विस्तार
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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बिजली और आटे-दाल की बढ़ती कीमतों से शुरू हुआ जन-आक्रोश अब पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ एक विद्रोह में बदल चुका है। प्रदर्शनकारियों की सबसे बड़ी राजनीतिक मांग विधानसभा में 12 शरणार्थी आरक्षित सीटों को खत्म करने की है।

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सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और सेना, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का मजाक उड़ाते हुए पीओके विधानसभा की 12 आरक्षित शरणार्थी सीटों का इस्तेमाल हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकियों और उनके रिश्तेदारों को सत्ता में बिठाने के लिए कर रही है। यानी 45 सीटों वाली विधानसभा में 12 सीटों पर वोटिंग के नाम पर पाकिस्तानी फौज धांधली करती है और आतंकियों को 'माननीय' बनाकर मनमर्जी की सरकार चुनती है।

आईएसआई के इशारे पर चुनाव जीत रहे हिजबुल कमांडर

  • जैश का सिंध प्रमुख बना विधायक

हालात इस कदर बदतर हैं कि जैश-ए-मोहम्मद का सिंध प्रांत प्रमुख अब्दुल्ला सईद शाह उर्फ पीर मजहर सईद शाह न सिर्फ विधायक बन चुका है, बल्कि हाल ही में सूचना मंत्री का पद भी संभाल रहा था। स्थानीय जनता अब इन आरक्षित सीटों को पूरी तरह खत्म करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आई है। उनका मानना है कि अब पीओके की तकदीर का फैसला आतंकी नहीं, बल्कि वहां की जनता करेगी।

  • बुचर ऑफ लाहौर को कमान

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक पीओके में नागरिक दमन की यह क्रूरता आईएसआई सेक्टर कमांडर ब्रिगेडियर फाईक अयूब की तैनाती के बाद से ज्यादा बढ़ गई है। ब्रिगेडियर अयूब इससे पहले पंजाब के सेक्टर कमांडर थे। लाहौर में की गई हिंसक कार्रवाई के कारण उन्हें बुचर ऑफ लाहौर (लाहौर का कसाई) कहा जाने लगा था। फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अब उन्हें पीओके में तैनात कर दमन करने की खुली छूट दे दी है। क्रूर सैन्य अधिकारियों को तैनात कर जनता की आवाज को गोलियों से दबाने की कोशिश यह साफ करती है कि पाकिस्तानी फौज अब अपने ही लोगों के लिए एक दमनकारी ताकत बन चुकी है।

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2,000 प्रदर्शनकारियों ने भीमबर से शुरू किया विरोध मार्च

  • प्रदर्शनकारियों की सूचना पर एक करोड़ इनाम

पाकिस्तानी अधिकारियों ने जेएएसी के प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी में मदद करने वालों के लिए इनाम की घोषणा की। एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, शौकत नवाज मीर, उमर नजीर कश्मीरी, सरदार अमन और ख्वाजा मेहरान सहित जेएएसी के केंद्रीय नेताओं की सफल गिरफ्तारी में सहायक जानकारी देने वाले किसी भी व्यक्ति को एक करोड़ रुपये इनाम दिया जाएगा।

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पीओके के मुजफ्फराबाद में संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के विरोध प्रदर्शन के आह्वान के बाद मंगलवार को विभिन्न हिस्सों में दुकानें और बाजार बंद रहे। जेएएसी से जुड़े लगभग 2,000 प्रदर्शनकारियों ने भीमबर से विरोध मार्च शुरू किया और वे मीरपुर पहुंचकर मुजफ्फरबाद के लिए रवाना होंगे। कुछ प्रदर्शनकारी रावलकोट पहुंचेंगे और फिर मुजफ्फरबाद की ओर बढ़ेंगे।

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ब्रिटेन में पाकिस्तानी दूतावास के सामने प्रदर्शन
पीओके में निर्दोष लोगों पर गोलीबारी के विरोध में कश्मीरी प्रदर्शनकारियों ने ब्रिटेन के ब्रैडफोर्ड स्थित पाकिस्तानी दूतावास के सामने मंगलवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी ब्रैडफोर्ड स्थित पाकिस्तानी दूतावास के बाहर जमा हुए और उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों पर पीओके में नागरिकों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। आयोजनकर्ताओं में कई कश्मीरी प्रवासी थे। ब्रिटेन के सांसद भी इस घटना के विरोध में हैं।

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