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राज्यसभा में शायराना माहौल: सांसदों ने शेर सुना कर एक-दूसरे पर कसे तंज, पढ़िए क्या बोले सभापति

Fri, 11 Aug 2023 06:10 AM IST
जलज मिश्रा पूनम मेहता, नई दिल्ली

सार

इसके बाद खरगे ने सभापति से शिकायत की कि ट्रेजरी बेंच के लोग विपक्ष को तंग करते हैं, उन्हें बोलने नहीं देते। इस पर सभापति ने उच्चसदन के नेताओं के सभ्याचार और सौम्य व्यवहार को लाजवाब बताया। इसके बाद खरगे से कहा कि वह खंजर उनके मेरे लिए रखे।
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संसद का शीतकालीन सत्र - फोटो : Social Media
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विस्तार
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राज्यसभा में मणिपुर समेत अन्य मुद्दों पर बृहस्तपतिवार को भी हंगामा जारी रहा। हालांकि इस हंगामे के बीच कुछ पल ऐसे भी आए जब सांसदों ने एक-दूसरे पर शायरी के जरिये तंज कसा। शायराना तंज के सिलसिले की शुरुआत नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की।

मणिपुर पर बहस के फैसले को लेकर हो रही चर्चा के बीच खरगे ने सरकार पर तंज करते हुए कहा-

मकतल में आते हैं वो लोग खंजर बदल-बदल कर।

यार मैं अब कहां से लाऊं सर बदल बदल कर।

इसके बाद खरगे ने सभापति से शिकायत की कि ट्रेजरी बेंच के लोग विपक्ष को तंग करते हैं, उन्हें बोलने नहीं देते। इस पर सभापति ने उच्चसदन के नेताओं के सभ्याचार और सौम्य व्यवहार को लाजवाब बताया। इसके बाद खरगे से कहा कि वह खंजर उनके मेरे लिए रखे। मेरे पास एक ही सिर है।

खरगे की बात का सीमा द्विवेदी ने जवाब दिया-

वो कत्ल भी करते हैं तो रहते हैं गुमनाम

और हम आह भी भरते हैं तो करते हैं बदनाम

सभापति ने सुधांशु त्रिवेदी का नाम पुकारा। त्रिवेदी ने शायराना कटाक्ष का सिलसिला बढ़ाते हुए कहा-

सच जरा सा घटे या बढ़े तो सच सच ना रहे

मगर झूठ की तो कोई इंतिहा नहीं

लाख चेहरे बदल कर आ जाते हैं ये

पर कमबख्त यह आईना है कि झूठ बोलता ही नहीं।

सभापति ने त्रिवेदी को दुरुस्त करते हुए कहा-

चाहे सोने में जड़ दो, चाहे चांदी में जड़ दो,

आईना कभी झूठ बोलता नहीं

दो विधेयक पेश, मिजोरम पर शाह के बयान के मुद्दे पर शोरशराबा
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उच्च सदन में बृहस्पतिवार को भारी हंगामे के बीच फार्मेसी संशोधन विधेयक-2023 पारित किया गया। इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति सेवा शर्तों विधेयक -2023 और डाकघर से जुड़े विधेयक को सदन में पेश किया गया। 

राज्य सभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने मिजोरम पर गृह मंत्री के बयान पर जमकर हंगामा किया। इसके चलते सदन की कार्यवाही पहले भोजनकाल और उसके बाद पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी। दरअसल, गृह मंत्री शाह ने लोकसभा में मणिपुर हिंसा पर पक्ष रखते हुए कहा था कि म्यांमार से हजारों कुकी शरणार्थी मणिपुर व मिजोरम में प्रवेश कर गए और मणिपुर के जंगलों में बसना शुरू कर दिया। इससे वहां स्थानीय समुदाय में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई। भोजनकाल के बाद कार्यवाही शुरू होते ही मिजो नेशनल फ्रंट के वनलालवेना सभापति के आसन के सामने आकर गृह मंत्री के बयान का मुद्दा उठाया। सभापति ने अनुमति नहीं दी तो उनके समर्थन में पूरा विपक्ष वेल में आकर नारेबाजी करने लगा।  हंगामे के बीच, सभापति ने मुख्य चुनाव आयुक्त आैर डाकघर से जुड़े विधेयक को सदन में पेश कराया। फार्मेसी संशोधन विधेयक को ध्वनि मत से पारित मान लिया।

इतने टमाटर आखिर आए कहां से

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सभापति ने कहा, आप के सुशील गुप्ता टमाटर की माला पहनकर सदन में आए। सांसद को ऐसा व्यवहार शोभा नहीं देता। उन्होंने राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं से बात करके उन्हें क्षमा किया है। प्रमोद तिवारी ने कहा कि वह सभापति के आभारी है, उन्होंने सुशील गुप्ता को माफ किया, लेकिन वह मांग करते हैं कि एक जांच समिति बनाएं की इतने टमाटर आए कहां से? इस पर पीयूष गोयल ने राहुल गांधी का आजादपुर मंडी जाने का संदर्भ दिया और कहा जब से युवराज मंडी गए, टमाटर की कीमत पता नहीं कहां चली गई।

सभापति ने बताया कि एक बजे सर्वदलीय बैठक हुई है। इसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ मणिपुर पर चर्चा नियम 267, 176 या 167 में से किसते तहत हो, इन तीन मुद्दों पर चर्चा हुई है। सभापति ने कहा कि वह इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच जारी गतिरोध खत्म करना चाहते हैं।
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