बैंक में जब आम लोग लोन लेने जाते हैं तो उन्हें जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधन ने कभी सोचा नहीं होगा कि नीरव मोदी प्रकरण की वजह से उसकी इस तरह और इतनी बदनामी होगी।
लाखों रुपये के हुये इस लोन घोटाले के बीच एक ओर जहां पीएनबी अपनी साख बचाने में लगा हुआ है वहीं कुछ ऐसे ग्राहक भी रहे हैं जिनकी ईमानदारी की दुहाई दी जा सकती है। उनमें से एक थे पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री। वैसे तो इस बैंक के ग्राहकों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी भी रहे हैं।
जय जवान-जय किसान का नारा देने वाले लालबहादुर शास्त्री भले ही देश के प्रधानमंत्री थे लेकिन उनके पास पीएम बनने तक न तो अपना घर था और न ही एक अदद कार ही थी। शास्त्रीजी के बेटे अनिल शास्त्री बताते हैं कि एकबार जब हम भाइयों ने उन्हें कहा कि अब तो हमारे पास एक कार होनी चाहिए तब उनके बैंक खाते में महज 7000 रुपये थे जबकि इस जमाने में एक फिएट कार 12000 रुपये में आती थी।