पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) कर्ज घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी से बैक चैनल के जरिए संपर्क साधा जा रहा है। सीबीआई-इंटरपोल के साथ केंद्र सरकार का एक उच्चपदस्थ तंत्र इस काम में जुटा है। इसके लिए कुछ दूतावासों की मदद भी ली जा रही है। सरकार की कोशिश है कि नीरव मोदी अपनी पहल पर वापस आ जाए। इस मामले का राजनीतिक नफा नुकसान तोल रहा केंद्र इसे जल्द से जल्द निबटाने की कोशिश में है।
उच्चपदस्थ सरकारी सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि नीरव जहां भी है उससे बातचीत की कोशिश की जा रही है। अधिकारी के मुताबिक उसके लोकेशन के बारे में फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता। सूत्रों ने बताया कि बैंक कर्ज घोटाले के इस मामले को केंद्र जल्द से जल्द निबटाना चाह रहा है। मुंबई के एक व्हिसिल ब्लोअर के इस दावे के बाद कि उसने 2016 में ही तीन बार इस घोटाले के बारे में आगाह किया था, केंद्र चिंतित है।
सीबीआई एफआईआर के मुताबिक 2017 में भी नीरव की कंपनियों के खाते में पैसे गए थे। सरकार नहीं चाहती कि यह मामला विपक्ष के लिए बड़ा राजनीतिक हथियार साबित हो। केंद्र यह भी नहीं चाह रहा कि इसका हश्र भी विजय माल्या प्रकरण की तरह हो। सूत्रों के मुताबिक नीरव को प्रत्यर्पण के जरिए लाने में काफी वक्त लगेगा।
उधर एजेंसियां नीरव मोदी के उस मेल की पड़ताल भी कर रही है जिससे उसने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को चिट्ठी भेजी थी। 16-17 फरवरी को भेजे गए इस मेल में उसने कर्ज चुकाने की संभावना खत्म करने के लिए पीएनबी को दोषी ठहराया है। सूत्रों के मुताबिक उस मेल से नीरव का पक्का लोकेशन पता करने की कोशिश की जा रही है।
सीबीआई की ताजा कार्रवाई
पीएनबी कर्ज घोटाले की जांच में जुटी सीबीआई को नीरव मोदी के मुंबई के पास अली बाग के नए ठिकाने का पता चला है। यह एक बड़़ा फार्महाऊस है जिसमें अलीशान भवन है। सीबीआई ने मंगलवार को इस फार्महाऊस पर छापेमारी की। साथ ही एजेंसी ने नीरव मोदी के आठ और गीतांजलि के 10 अधिकारियों से पूछताछ की। साथ ही पीएनबी के 10 नए अधिकारियों से भी पूछताछ की गई। इनमें बैंक के कार्यकारी निदेशक स्तर की अधिकारी भी हैं। सीबीआई ने इस अधिकारियों को विदेश जाने के मना किया है।