फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएमओ ने शुरू कराई बीएचयू में अवार्ड खरीद घोटाले की जांच

Tue, 12 Jul 2016 12:43 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय
विज्ञापन
वाराणसी में स्थित बीएचयू में पुरातन छात्र समागम के लिए अवार्ड खरीद के नाम पर हुए लाखों रुपये के घोटाले की जांच पीएमओ ने शुरू करा दी है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने जांच की जिम्मेदारी मानव संसाधन मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में तैनात संयुक्त सचिव एवं मुख्य सतर्कता अधिकरी डॉ. सुखवीर सिंह संधू को सौंपी है।
विज्ञापन


संधू ने मामले से जुड़ी पत्रावलियों और अन्य दस्तावेजों के बारे में बीएचयू के रजिस्ट्रार से जानकारी मांगी है। उधर, कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय समिति भी इस मामले की जांच कर रही है लेकिन अभी तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। पीएमओ के इस प्रकरण का संज्ञान लेने के बाद हड़कंप मच गया है।

पुरातन छात्र समागम-2015 के आयोजन के लिए गिफ्ट आइटम से लेकर अन्य वस्तुओं की खरीद में लाखों रुपये की हेराफेरी का मामला विक्रय समिति के भी गले की फांस बन सकता है। कोटेशन के लिए इस्तेमाल की गई फर्मों के पते भी हवा-हवाई दिए गए हैं। कई फर्मों का कहीं अता-पता नहीं है। पीएमओ ने फर्जीवाड़े की जांच आलोक कुमार सिंह की शिकायत पर शुरू कराई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

लाखों रुपये का घोटाला किया

बीएचयू
आलोक कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र में लिखा था कि महामना द्वारा स्थापित देश के प्रतिष्ठित संस्थान बीएचयू में पुराने छात्र प्रकोष्ठ के समन्वयक और वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रो. शशि भूषण अग्रवाल ने कई काल्पनिक फर्मों और फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए लाखों रुपये का घोटाला किया है।

आरोप लगाया है कि कुलपति के निर्देश पर गठित जांच समिति इस मामले में प्रो. अग्रवाल को बचाने क प्रयास कर रही है। इस बीच जांच समिति की ओर से करीब डेढ़ महीने बाद भी रिपोर्ट न देेने से इसकी पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। 

कुलपति के निर्देश पर एल्यूमनाई मीट के लिए हुई खरीद के प्रकरण की जांच की जा रही है। तथ्यों का पता किया जा रहा है। पीएमओ से शुरू हुई जांच के बारे में अभी मुझे पता नहीं है।
प्रो. एसके सिंह, अध्यक्ष, जांच समिति
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें