वाराणसी में स्थित बीएचयू में पुरातन छात्र समागम के लिए अवार्ड खरीद के नाम पर हुए लाखों रुपये के घोटाले की जांच पीएमओ ने शुरू करा दी है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने जांच की जिम्मेदारी मानव संसाधन मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में तैनात संयुक्त सचिव एवं मुख्य सतर्कता अधिकरी डॉ. सुखवीर सिंह संधू को सौंपी है।
संधू ने मामले से जुड़ी पत्रावलियों और अन्य दस्तावेजों के बारे में बीएचयू के रजिस्ट्रार से जानकारी मांगी है। उधर, कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय समिति भी इस मामले की जांच कर रही है लेकिन अभी तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। पीएमओ के इस प्रकरण का संज्ञान लेने के बाद हड़कंप मच गया है।
पुरातन छात्र समागम-2015 के आयोजन के लिए गिफ्ट आइटम से लेकर अन्य वस्तुओं की खरीद में लाखों रुपये की हेराफेरी का मामला विक्रय समिति के भी गले की फांस बन सकता है। कोटेशन के लिए इस्तेमाल की गई फर्मों के पते भी हवा-हवाई दिए गए हैं। कई फर्मों का कहीं अता-पता नहीं है। पीएमओ ने फर्जीवाड़े की जांच आलोक कुमार सिंह की शिकायत पर शुरू कराई है।