पीएमओ ने कहा, 'आईसीएमआर और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) द्वारा सार्स-कोव-2 (कोविड-19 वायरस) के जीनोम पर किए गए दो अखिल भारतीय अध्ययनों में पाया गया है कि वायरस आनुवांशिक रूप से स्थिर है और इसके स्वरूप में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।'
पीएमओ ने एक बयान में कहा कि 'नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर कोरोना’ (एनईजीवीएसी) ने राज्य सरकारों और सभी प्रासंगिक हितधारकों के साथ मिलकर टीकों के भंडारण, वितरण और उसे लगाने के लिए एक विस्तृत ब्लूप्रिंट (खाका) तैयार किया है।'
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने पिछले महीने कहा था कि भारत में कारोना वायरस के ‘स्ट्रेन’ में कोई बड़ा या महत्वपूर्ण बदलाव नहीं पाया गया है। उन्होंने कहा था कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) पिछले कुछ महीनों के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर जुटाए गए ‘स्ट्रेनों’ (वायरस का स्वरूप) का बड़े पैमाने पर अध्ययन करने में जुटा हुआ है। उन्होंने कहा था कि वायरस के स्वरूप में बदलाव के संबंध में अक्तूबर के शुरू में जानकारी उपलब्ध होगी।
बता दें कि देश में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 74 लाख के पार चली गई है। वहीं संक्रमण मुक्त हुए लोगों की संख्या भी 65 लाख से अधिक हो गई है। इस प्रकार संक्रमण से स्वस्थ होने वालों की दर 87.78 प्रतिशत हो गई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकडों के अनुसार, कोविड-19 के 62,212 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 74,32,680 हो गए हैं, वहीं संक्रमण से 837 लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 1,12,998 हो गई है।