राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के उपलब्ध 28 नवंबर के आंकड़ों के मुताबिक, 70 साल या इससे अधिक उम्र के करीब 18.7 लाख बुजुर्ग लाभार्थियों ने पीएम जय में शामिल होने के लिए पंजीकरण कराया है। सरकार ने निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए कोई अंतिम मियाद तय नहीं की है, मगर उसकी सुस्त रफ्तार पर चिंता जताई जा रही है। इस योजना का कामकाज देख रहे अफसरों का कहना है कि, पहले महीने में महज 3 फीसदी लाभार्थियों का पंजीकरण होना बताता है कि उन तक पहुंचने की ठोस पहल करनी होगी। वहीं प्रक्रिया को थोड़ा और सरल बनाना होगा। स्थानीय स्तर पर जागरूकता तेज करनी करनी होगी। इस मिशन की सुस्त चाल की एक वजह ये भी है कि महाराष्ट्र और झारखंड जैसे राज्यों में चुनावी आचार संहिता लागू थी। इससे कारण ये स्कीम वहां प्रभावी नहीं हो सकी।
उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि, अब तक 13.4 लाख नए लाभार्थियों ने पंजीकरण कराया है। लेकिन उनमें से 5.28 लाख पहले से ही इस योजना का लाभ पा रहे हैं। लेकिन इन्होंने टॉप-अप के लिए दोबारा पंजीकरण कराया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार बढ़े दायरे वाली योजना के तहत अतिरिक्त लाभ हासिल करने के लिए आए 260 से अधिक आवेदन खारिज भी किए गए हैं। सभी वरिष्ठ नागरिकों को अलग से आयुष्मान वय वंदना कार्ड मिलेगा, जो आयुष्मान कार्ड से अलग होगा। नियमों में यह भी कहा गया है कि निजी स्वास्थ्य बीमा करा चुके और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के तहत बीमा सुविधा पाने वाले लाभार्थी भी पीएम जय का लाभ उठा सकेंगे। लेकिन जिन लोगों को केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) और भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) का फायदा मिल रहा है, उन्हें पुरानी योजना या पीएम जय में से किसी एक को चुनना होगा।
कुछ राज्यों में सुस्त तो कुछ में तेज है रफ्तार
देश के राज्यों में पंजीकरण की रफ्तार सुस्त है तो कुछ राज्यों में इसमें आगे भी है। मध्य प्रदेश 7,09,200 पंजीकरण के साथ 70 साल से अधिक उम्र के नए और पुराने दोनों लाभार्थी श्रेणियों में आगे हैं। जबकि केरल 3,96,522 नए कार्ड के साथ पंजीकरण की रफ्तार में दूसरे पायदान पर है। उत्तर प्रदेश 2,55,318 नए पंजीकरण के साथ तीसरे पायदान पर है। आंध्र प्रदेश में 10,925 और तेलंगाना में 8,864 पंजीकरण के साथ रफ्तार काफी धीमी है, जबकि आम तौर पर वहां इस बीमा का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है।
ऐसे कर सकते है आवेदन
केंद्र सरकार ने किसी भी वरिष्ठ नागरिक को आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनवाने में कोई परेशानी न आए इसके लिए प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। 70 साल से ऊपर के लोग फ्री में 5 लाख का हेल्थ कवरेज पा सकते हैं। जिन सीनियर सिटीजन के पास पहले आयुष्मान कार्ड उपलब्ध है और हाल में 70 साल पार कर गए हैं वे भी आयुष्मान वय वंदना कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
वरिष्ठ नागरिक घर बैठे स्मार्टफोन में आयुष्मान ऐप डाउनलोड करके ये कार्ड बनाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाने के लिए रजिस्ट्रेशन नेशनल हेल्थ अथॉरिटी की आधिकारिक वेबसाइट ‘beneficiary.nha.gov.in’ से भी किया जा सकता है. इसके अलावा, अपने नजदीकी सरकारी, लिस्टेड प्राइवेट हेल्थ सेंटर या जन सेवा केंद्र की मदद से भी ये कार्ड हासिल करने के अप्लाई कर सकते हैं। इस कार्ड के लिए अप्लाई करने से पहले सुनिश्चित कर लें कि आधार एक्टिव मोबाइल नंबर से लिंक हो। क्योंकि वेरिफिकेशन के दौरान मोबाइल नंबर की जरूरत पड़ रही है।
केंद्र ने 2017 में योजना की शुरुआत की थी
आयुष्मान भारत दुनिया की सबसे बड़ी बीमा योजना है, जो देश के सबसे गरीब 40 प्रतिशत लोगों को हर साल 5 लाख रुपए तक की मुफ्त इलाज की सुविधा देती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के तहत केंद्र सरकार ने यह योजना साल 2017 में शुरू की थी। हालांकि, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्य इस योजना को मानने से इनकार कर रहे हैं और राज्य में खुद अपनी योजना चला रहे हैं। इस योजना के तहत देश भर के सिलेक्टेड सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज करवाया जा सकता है। भर्ती होने के 10 दिन पहले और बाद के खर्च का भी इस योजना के तहत भुगतान का प्रावधान है। आयुष्मान योजना में पुरानी बीमारियां भी कवर होती हैं। किसी बीमारी में अस्पताल में एडमिट होने से पहले और बाद के खर्च इसमें कवर होते हैं। ट्रांसपोर्ट पर होने वाला खर्च इसमें कवर होता है। सभी मेडिकल जांच, ऑपरेशन, इलाज जैसी चीजें इसमें शामिल हैं।