महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के स्वस्थ होने तक किसी और को सीएम प्रभार सौंपने की भाजपा की मांग पर राज्य कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने पलटवार किया है। पटोले ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी ऐसा ही करना चाहिए। रीढ़ की सर्जरी के बाद स्वस्थ हो रहे ठाकरे शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्य विधानमंडल में शामिल नहीं हुए, उनके बेटे और मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि जब भी जरूरत होगी वह सदन में मौजूद रहेंगे।
पटोले बोले, पीएम की संसद उपस्थिति की हो जांच
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पटोले ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा को पहले प्रधानमंत्री मोदी की संसद में उपस्थिति की जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई मौकों पर लोकसभा और राज्यसभा में मौजूद नहीं होते हैं। अगर प्रधानमंत्री सदन में नहीं हैं तो उनका प्रभार भी किसी अन्य मंत्री को दिया जाना चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकरे स्वास्थ हैं और मौजूदा सत्र में शामिल होंगे। मैंने उनसे बात की है, लेकिन विपक्ष बिना वजह इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पिछले करीब 45 दिनों से किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया है और न ही दफ्तर आ रहे हैं। दरअसल, बीते दिनों उनकी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद से वे स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। मुख्यमंत्री के डेढ़ महीने से अधिक समय से दफ्तर नहीं आने पर अब महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को स्वस्थ होने तक अपना प्रभार किसी और को सौंप देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान उनकी अनुपस्थिति सही नहीं मानी जाएगी। पाटिल ने आगे कहा कि उद्धव कांग्रेस और एनसीपी पर भरोसा नहीं है तो राज्य मंत्री और अपने बेटे आदित्य ठाकरे को प्रभार सौंप दें। पाटिल ने कहा कि ऐसे कब तक काम चलेगा, क्योंकि प्रशासन बिना मुख्यमंत्री के नहीं चल सकता है, हर काम के लिए सीएम चाहिए। ऐसे में किसी और को यह जिम्मा देना चाहिए। पाटिल ने कहा कि सबसे सही यह रहेगा कि आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बना सकते हैं।