दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की गुणवत्ता को सुधारने को लेकर शुक्रवार को प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ पीके मिश्रा ने अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में दिल्ली-एनसीआर में अक्तूबर और नवंबर में प्रदूषण के स्तर में हद से अधिक वृद्धि को नियंत्रण करने को लेकर चर्चा हुई।
इस बैठक में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन, कृषि, सड़क, पेट्रोलियम और केंद्र सरकार प्रदूषण बोर्ड के विभागों के सचिव शामिल थे।
बता दें कि आने वाले महीने में दिल्ली के आस-पास के राज्यों में फसलों की कटाई होने वाली है और कटाई के बाद किसान पराली जलाना शुरू कर देते हैं, जिससे दिल्ली एनसीआर समेत आसपास के राज्यों में वायु प्रदूषण का स्तर अचानक से बढ़ जाता है। इसलिए एहतियात के तौर पर प्रधान सचिव ने यह बैठक बुलाई और इन गंभीर मुद्दों पर चर्चा की।
प्रधान सचिव ने बैठक में राज्य के सभी मुख्य सचिवों से कहा कि इस प्रदूषण पर नियंत्रण करने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाने की जरूरत है और जल्द से जल्द इस गंभीर समस्या को कम करने की कोशिश की जानी चाहिए। उन्होंने पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए जगह-जगह टीम तैनात करने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि टीम के हर सदस्य द्वारा पराली जलाने वाले जगहों पर निगरानी करने के साथ-साथ इस रोकने पर जोर देने की जरूरत है।
हालांकि समीक्षा करने के बाद उन्होंने माना कि इन दो वर्षों में राज्यों के सहयोग से पराली जलाने पर 50 फीसदी तक की कमी भी आई है। पीएमओ के अनुसार प्रधान सचिव ने किसान से संबंधित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की और इसे जल्द से जल्द सुलझाने का आश्वाशन भी दिया।