भाजपा की भोपाल से सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह चुनाव जीतकर आईं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिवादन भी किया, लेकिन प्रधानमंत्री ने उनकी तरफ ध्यान तक नहीं दिया। प्रधानमंत्री ने इस घटना के कुछ दिन पहले ही कहा था कि वह साध्वी प्रज्ञा को माफ नहीं करेंगे। प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी सार्वजनिक तौर पर की थी और इसके पीछे की वजह प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बोल थे।
इतना ही नहीं प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल में तमाम बड़बोले नेताओं को शामिल करने से दूरी बनाई। उन्होंने अनंत हेगड़े, विवादित बोल में माहिर महेश शर्मा समेत तमाम लोगों को मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी। मेनका गांधी को भी मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं बनाया।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, साक्षी महाराज, महेश शर्मा, साध्वी निरंजन ज्योति जैसे नेताओं ने बयानों ने मोदी सरकार की मुसीबत बढ़ा दी थी। गोरक्षा से लेकर तमाम मुद्दों की आड़ लेकर ऐसे नेताओं ने कई बार ओछे बयान दिए थे। प्रधानमंत्री ने खुद ऐसे नेताओं को सोच-समझकर अपना वक्तव्य देने की सलाह भी दी थी, लेकिन भाजपा के ये नेता कभी नहीं रुके।