फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Toycathon 2021: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिभागियों से की अपील, गेम के माध्यम से कुपोषण दूर करने में करें मदद

Thu, 24 Jun 2021 06:17 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वाय कथॉन 2021 को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि खेल के जरिए मानवीय मूल्यों को बल देना जरूरी है। बता दें कि ट्वाय कथॉन-2021 का मकसद भारत में खिलौना उद्योग को बढ़ावा देना है
विज्ञापन
ट्वाय कथॉन को पीएम ने किया संबोधित - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत में खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद ही प्रयासरत हैं, अभी तक खेलों के प्रति जागरूक करने के लिए उन्होंने बड़ी संख्या में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया है और अब वह खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आगे आए हैं। इसी कड़ी में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ट्वाय कथॉन 2021 को संबोधित कर रहे हैं। देशभर के प्रतिभागी इस कार्यक्रम से जुड़े हुए हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री ने भारतीय भोजन और जंक फूड के फायदे और नुकसान के बारे में विस्तार से चर्चा की। इस दौरान पीएम ने प्रतिभागियों से कुपोषण दूर करने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चे हेल्दी खाना खाने से बचते हैं, जिसकी वजह से वह कुपोषण के शिकार हो जाते हैं, ऐसे में खेल के माध्यम से उन्हें सतर्क किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गेम वार के माध्यम से हम अपने बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर सकते हैं। पीएम मोदी ने खेल-खेल में गणित सिखाने वाले प्रतिभागियों का आभार जताया। 

विज्ञापन



दुनिया में भारत की ट्वाय और गेमिंग इंडस्ट्री बहुत बड़ी भूमिका निभा सकती- पीएम
खिलौना इंडस्ट्री पर प्रतिभागियों की राय सुनने और इसे विकसित करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुलकर बातचीत की। पीएम ने कहा कि खेल के जरिए मानवीय मूल्यों को बल देना भी जरूरी है। इससे समाज पर एक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उदेश्य अभिनव खिलौनों और गेम्स के लिए नए विचारों को दुनिया में फैलाना है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशी खिलौनों पर देश की निर्भरता पर चिंता जाहिर कर चुके हैं। 100 अरब डॉलर के वैश्विक खिलौना बाजार में भारत की हिस्सेदारी सिर्फ 1.5 अरब डॉलर है। यानी हम 80 प्रतिशत खिलौनों का आयात करते हैं। प्रधानमंत्री ने टॉय और गेमिंग उद्योग का आह्वान करते हुए कहा कि भारत के वर्तमान सामर्थ्य, कला-संस्कृति और समाज को आज दुनिया ज्यादा बेहतर तरीके से समझना चाहती है। इसमें हमारी ट्वाय और गेमिंग उद्योग बहुत बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।


बच्चों की पहली किताब या दोस्त खिलौने होते हैं- पीएम
खिलौनों को लेकर गंभीर चर्चा को फिजूल बताने वालों को जवाब देते हुए मोदी ने कहा कि बच्चे की पहली पाठशाला परिवार होता है। इस दौरान उनकी पहली किताब और पहले दोस्त ये खिलौने ही होते हैं। समाज के साथ बच्चे का पहला संवाद इन्हीं खिलौनों के माध्यम से होता है। दरअसल, पीएम मोदी ने बुधवार को ट्वीट कर खुद ही जानकारी दी थी कि 24 जून को ट्वाय कथॉन को संबोधित करूंगा। भारत के घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक खिलौना बाजार हमारे विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करता है। ट्वाय कथॉन-2021 का मकसद भारत में खिलौना उद्योग को बढ़ावा देना है, ताकि खिलौना बाजार के व्यापक हिस्से पर भारत आगे रहे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें