प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से पांच देशों के छह दिवसीय विदेश दौरे पर रवाना हो रहे हैं। वह अफगानिस्तान, कतर, स्विट्जरलैंड, अमेरिका और मेेक्सिको का दौरा करेंगे। इस दौरे में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के साथ ही परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता के लिए समर्थन जुटाना भी पीएम मोदी का मुख्य एजेंडा होगा। भारत 12 मई को ही एनएसजी सदस्यता के लिए औपचारिक तौर पर आवेदन कर चुका है। अब इसे हासिल करने के लिए पीएम मोदी का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों का समर्थन जुटाना है।
पीएम दौरे की शुरुआत अफगानिस्तान से करेंगे। पांच देशों के इस दौरे के दौरान पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से भारत की एनएसजी सदस्यता को लेकर वार्ता करेंगे। वह यहां अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक अतिथि गृह ‘ब्लेयर हाउस’ में रुकेंगे। प्रधानमंत्री मोदी यहां अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेंगे। ऐसा करने वाले वह भारत के पांचवें प्रधानमंत्री होंगे। परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की सदस्यता के लिए स्विट्जरलैंड और मेक्सिको से भी वह सहयोग मांगेंगे। ये दोनों ही देश इस प्रतिष्ठित समूह के सदस्य हैं। एनएसजी सदस्यता को लेकर विदेश सचिव एस जयशंकर ने बताया कि भारत इस समूह की सदस्यता हासिल करने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहा है और हमने इस मामले में काफी प्रगति भी की है।
एनएसजी सदस्यता के लिए स्विट्जरलैंड से समर्थन की उम्मीद
विदेश सचिव एस जयशंकर ने बताया कि एनएसजी सदस्यता हासिल करने के लिए हम इस समूह से जुड़े सभी देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्विट्जरलैंड से भारत को एनएसजी सदस्यता के लिए समर्थन मिल जाएगा।
काले धन पर भी होगी बात
स्विट्जरलैंड के दौरे पर पीएम मोदी यहां के राष्ट्राध्यक्षों के साथ काले धन का मुद्दा भी उठाएंगे। उनके इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच काले धन की जानकारी साझा करने को लेकर अहम करार होने की भी उम्मीद है। विदेश सचिव एस. जयशंकर ने बताया कि दोनों देश दोहरे कराधान से बचाव समझौते को लेकर एक दूसरे के संपर्क में हैं।
छह दिन में प्रधानमंत्री के होंगे 45 कार्यक्रम
शनिवार से शुरू हो रहे इस छह दिनों के दौरे में प्रधानमंत्री के करीब 40 आधिकारिक कार्यक्रम होंगे। पांच देशों के दौरे के दौरान वह करीब 45 घंटे (रास्ते में) फ्लाइट में गुजारेंगे।
प्रधानमंत्री के विदेश दौरे के प्रमुख कार्यक्रम पर एक नजर
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- अफगानिस्तान (4 जून, 2016) : हेरात में राष्ट्रपति अशरफ गनी से वार्ता करेंगे। अफगानिस्तान-भारत मैत्री बांध (सलमा बांध) का उद्घाटन करेंगे। यह बांध भारत के सहयोग से तैयार किया गया है। शाम को कतर रवाना होंगे।
- कतर (4-5 जून, 2016) : दोहा में भारतीय समुदाय के लोगों से मिलेंगे। कतर के शासक और वहां के व्यवसायी वर्ग से भी मुलाकात करेंगे।
- स्विट्जरलैंड (6 जून, 2016) : बर्न में वहां के राष्ट्रपति के साथ प्रौद्योगिकी एवं निवेश पर बातचीत करेंगे। इस दौरान काले धन पर बातचीत होने की संभावना है। रात को अमेरिका रवाना होंगे।
- अमेरिका (6-8 जून, 2016) : यहां पर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ ओवल ऑफिस में लंच के साथ ही द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वाशिंगटन डीसी में भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात करेंगे। आठ जून को अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। अमेजन के सीईओ समेत जेफ बेजोस समेत दिग्गज अमेरिकी कंपनियों के सीईओ से मुलाकात और यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआईबीसी) के वार्षिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
- मेक्सिको (9 जून, 2016) : यहां के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। स्थानीय व्यवसायियों से भी मिलेंगे। मेक्सिको से रात को भारत के लिए रवाना हो जाएंगे और अगले दिन सुबह नई दिल्ली पहुंचेंगे।