प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सुरक्षा प्रतिष्ठानों को आगह किया कि विभाजनकारी तत्व क्षणिक फायदे के लिए जातियों के बीच दरारों का लाभ उठा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे तत्वों को जमीनी स्तर पर अलग-थलग करने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री कार्यकाल की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि पीएम मोदी ने पुलिस बलों से कट्टरवाद की काली ताकतों का मुकाबला करने के लिए सचेत रहने और देश में विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास उत्पन्न करने का आग्रह किया।
गुजरात के केवड़िया में सालाना पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, विभाजनकारी तत्व छोटे फायदे के लिए जातियों के बीच दरारों का दोहन काम जारी रखने का आग्रह किया। बयान में पीएम मोदी के हवाले से कहा गया है, हमें जमीनीस्तर पर एकता को बढ़ावा देने वाली और विभाजनकारी तत्वों को अलग-थलग करने वाली ताकतों को मजबूत करना है।
पुलिस कर्मियों को वो सम्मान नहीं मिलता, जिनके वे हकदार
प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद रोधी अभियान के लिए और देश के छोटे क्षेत्र में इसे सीमित करने के लिए पुलिस बल की सराहना की। पीएम ने कहा कि देश के लोगों को आतंकवाद रोधी अभियान में भूमिका के लिए खासतौर पर जम्मू-कश्मीर पुलिस पर गर्व है। समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मी विपरीत परिस्थितियों में कड़ी मेहनत करते हैं, इसके बावजूद अक्सर उन्हें वो सम्मान नहीं मिलता है जिसके वे हकदार हैं।
उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से लोगों के फायदे के लिए काम करने वाले पुलिस कर्मियों को सम्मान दिलाने की दिशा में काम करने की अपील की। पीएम ने कहा कि इस मकसद के लिए सोशल मीडिया का प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है।
सालाना डीजीपी आईजीपी कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री ने साइबर सुरक्षा के विषय पर पुलिस बल में क्षमता निर्माण की जरूरत पर बल दिया। पीएम मोदी ने उत्कृष्ट सेवा के लिए खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया।
उन्होंने पदक विजेता आईबी अधिकारियों को सेवा के प्रति उनके समर्पण एवं प्रतिबद्धता के लिए मुबारकबाद दी। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर एक डाक टिकट भी जारी किया। उन्होंने कहा कि स्मारक सबके लिए एक प्रेरणास्रोत होना चाहिए। उन्होंने साइबर कोऑर्डिनेशन सेंटर के पोर्टल का भी शुभारंभ किया।