इससे पहले प्रधानमंत्री 11 मई को अपनी यात्रा के दौरान नेपाल से रिश्तों का विश्वास जीतेंगे। उनकी मुलाकात नेपाल के सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों से होगी। वह पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकुमार दहल, प्रचंड से भी मिलेंगे। द्विपक्षीय वार्ता के दौरान उनकी प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से चर्चा होगी। प्रधानमंत्री मोदी और उनके समकक्ष ओली आपसी चर्चा में द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। चर्चा के केन्द्र में दोनों देशों के बीच संपर्क का विस्तार प्रमुखता से रहेगा।
अप्रैल 2018 में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भारत आए थे। प्रधानमंत्री बनने के कुछ ही महीने बाद भूटान के बाद
प्रधानमंत्री मोदी अगस्त 2014 में नेपाल गए थे। इसके बाद वह 2015 में भी नेपाल गए थे। इस तरह से यह प्रधानमंत्री की तीसरी यात्रा होगी। इस यात्रा के पहले ही भारत बिहार के रक्सौल से नेपाल के काठमांडू तक रेल नेटवर्क स्थापित करने की घोषणा कर चुका है।
बिहार के बालूघाट से नेपाल तक जलमार्ग विकसित किए जाने की भी योजना है। विदेश मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि इस पर विस्तृत सहमति बनने के आसार हैं। रक्सौल से काठमांडू रेल नेटवर्क को लेकर दोनों देशों के बीच में पर्यवेक्षकों की संयुक्त टीम बनाने, जमीनी विश्लेषण करके परियोजना के बाबत साल के अंत तक रिपोर्ट देने पर सहमति बन सकती है। ताकि रेल नेटवर्क के काम को यथा शीघ्र मूर्त रूप दिया जा सके। इसी तरह से नेपाल के साथ जैविक खेती और ऑर्गेनिक खेती की पहल भी की जाएगी। जल विद्युत परियोजना, ट्रेड एंड ट्रांजिट ट्रीटी समेत अन्य मुद्दों पर भी चर्चा संभावित है।