फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने बजट सत्र के समय पर उठाया सवाल, पीएम ने मांगा सहयोग

Mon, 30 Jan 2017 10:20 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
- फोटो : file photo
विज्ञापन
बजट सत्र को सुचारु रूप से चलाने की कवायद के तहत सोमवार को सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में राजनीतिक दलों पर उनके अपने-अपने ही मुद्दे हावी रहे। बैठक में भी सियासी दलों ने अपनी राजनीतिक लाइन के तहत ही बातें रखीं। पीएम नरेंद्र मोदी ने सुचारु संसद चलाने के लिए सभी राजनीतिक दलों से सहयोग मांगा, लेकिन विपक्ष ने समय से पहले बजट पेश किए जाने की बात आगे रखी। तृणमूल कांग्रेस ने इस बैठक का बहिष्कार किया।
विज्ञापन


पीएम मोदी ने कहा कि संसद महापंचायत है। चुनाव के समय में मतभेद होने के बावजूद इसे सुचारु रूप से काम करना चाहिए। मगर राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सरकार को बजट सत्र समय से पहले नहीं बुलाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में ऐसी ही स्थिति के वक्त यूपीए सरकार ने बजट सत्र को टाल दिया था।

दरअसल, संसद के बीते शीत सत्र में नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्षी दलों के विरोध और शोरशराबे के कारण सदन में कोई कामकाज नहीं हो सका था। इसको देखते हुए सरकार ने मंगलवार से शुरू हो रहे बजट सत्र में कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने की कवायद में सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। बैठक में तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर सभी दलों ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन



 
विज्ञापन

तृणमूल कांग्रेस ने किया बैठक का बहिष्कार

​बताया जा रहा है कि तृणमूल नोटबंदी और चिटफंड घोटाले में अपने कुछ सांसदों की गिरफ्तारी को लेकर नाराज है। तृणमूल कांग्रेस ने संसद के बजट सत्र के पहले दो दिनों की कार्यवाही के बायकाट का फैसला किया है।

संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा है कि पीएम ने सभी दलों से सहयोग मांगा और कहा कि चुनाव के समय में हमारे बीच कुछ मतभेद पैदा हो सकते हैं लेकिन संसद महापंचायत है और इसे सुचारु रूप से काम करना चाहिए।

बैठक के बाद कांग्रेस नेता आजाद ने कहा कि सरकार को बजट सत्र बुलाने के बारे में ऐसी घोषणा से बचना चाहिए था जो पांच राज्यों में चुनाव के दौरान समान अवसर उपलब्ध कराने को प्रभावित करते हों। कांग्रेस के एक अन्य नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया और माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने मांग की कि बजट सत्र के पहले हिस्से में सरकार को नोटबंदी के मुद्दे पर चर्चा करानी चाहिए। 


 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें