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ISI की धमकी भरे पत्र के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, पीएम की सुरक्षा की समीक्षा की गई

Sun, 26 Mar 2017 11:20 AM IST
amarujala.com- Presented by: अजय कुमार सिंह
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पीएम नरेंद्र मोदी
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आगरा में ISI की धमकी भरे पत्र मिलने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर है। खुफिया एजेंसियों ने पीएम के सुरक्षा के मद्देनजर ने बताया है कि प्रधान मंत्री और संसद भवन के लिए एक विशेष सुरक्षा प्रावधान किया जाना चाहिए। मेल टुडे की खबर मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह को निशाना बनाने की चुनौती के बाद संसद, पीएम और गृहमंत्री की सुरक्षा की समीझा की गई है।
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गौरतलब है कि 17 मार्च को आगरा के मलपुरा थाना क्षेत्र के भांडई रेलवे स्टेशन पर अज्ञात लोगों ने पटरी पर बड़ा पत्थर रखा था। जब चेन्नई की ओर से आने वाले अंडमान एक्सप्रेस जम्मू के लिए जा रही थी। उसी दौरान ट्रेन का इंजन पटरी पर रखे बड़े पत्थर से टकरा गया। हालांकि कोई हादसा नहीं हुआ और पत्थर टूट गया। मगर पत्थर से ट्रेन के टकराने पर जोरदार आवाज हुई। जिसे लेकर इंजन ड्राईवर ने कंट्रोल रूम को जानकारी दी। जब लाईनमैन यहां पहुंचा तो पत्थर के ही साथ एक पत्र मिला। इसमें लिखा गया था कि आईएसआईएस का कंपनी कमांडर व राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद मिर्जा यह लिख रहा है। उसने पीएम नरेद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और संसद को उड़ाने की धमकी दी थी।

इस धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक सुरक्षा समीक्षा का आदेश दिया और उस व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी गई है। जिसने खुद को मोहम्मद मिर्जा बताकर ये चिट्ठी लिखी थी। अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल आगरा के कैंट स्टेशन पर ऐसे ही पत्र मिले थे जिसमें पत्र लिखनेवाला इसी तरह के नाम का इस्तेमाल किया गया था। मिर्जा अपने आप को ISI का कमाडेंट होने का दावा करता है और उसने देश के कई हिस्सों में विस्फोट करने की चेतावनी दी थी।
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- फोटो : अमर उजाला
हालांकि, चिट्टी मिलने के बाद ही जीआरपी ने मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच के लिए एटीएस सहित कई सुरक्षा एजेंसियों की मदद ली जा रही है। गौरतलब है कि 21 नवंबर 2016 को पटरियों को उड़ाने से इंदौर-पटना एक्सप्रेस के दुर्घटना होने पर 150 लोगों की मौत हो गई थी। इसके एक महीने बाद अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस भी पटरी से उतर गई जिसमें 50 लोग घायल हो गए। सुरक्षा एजेंसियां इन सारी घटनाओं को एक साथ जोड़कर मामले की जांच कर रही है।

केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां धमकी भरे पत्र के बाद पीएम नरेंद्र मोदी,गृहमंत्री राजनाथ सिंह और संसद की सुरक्षा की समीक्षा पुन: तैयार करने के निर्देश दिए  हैं। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री और संसद भवन के लिए एक विशेष सुरक्षा प्रावधान किया जाना चाहिए। खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली में वीआईपी सुरक्षा से संबंधित जानकारी इकट्ठा करने के लिए सतर्क किया गया है और दिल्ली में आने वाले असमाजिक तत्वों पर बारीकी से नजर रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

बता दें कि मोदी पर हमला करने के कई प्रयास किए गए हैं और आतंकवादी संगठनों की सूची में उनका नाम टॉप पर है। लखनऊ में आईएसआईएस के आतंकवादी सैफुल्ला को एटीएस ने जिस स्थान पर मार गिराया था, वो 11 अक्टूबर 2016 को पीएम की रैली से 200 मीटर की दूरी पर था। एटीएस अधिकारियों ने बताया कि उस समय यहां भी विस्फोट किए गए थे लेकिन दशहरा और दिवाली के कारण ध्यान नहीं गया। क्योंकि दशहरा और दिवाली में लोग पटाखे जलाते हैं।

अधिकारियों ने कहा कि 7 मार्च को मध्य प्रदेश में भोपाल-उज्जैन यात्री ट्रेन विस्फोट के पीछे सैफुल्ला ही था। इस विस्फोट में लगभग 10 लोग घायल हो गए थे।
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