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Narendra Modi: प्रधानमंत्री बोले- खत्म हो गई घोटालों की गुंजाइश, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर दे रहे जोर

Thu, 03 Nov 2022 12:57 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बीते आठ वर्षों से हम भय और दबाव से बनी व्यवस्था को बदलने का काम कर रहे हैं। हम नवीनतम तकनीक अपनाकर सुविधाओं में सुधार और आत्मनिर्भरता करके ऐसा कर रहे हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सतर्कता जागरूकता सप्ताह वल्लभभाई पटेल के जन्मदिन के साथ मेल खाता है, जिन्होंने अपना जीवन ईमानदारी, पारदर्शिता और सार्वजनिक सेवा के निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। 

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उन्होंने कहा, बीते आठ वर्षों से हम भय और दबाव से बनी व्यवस्था को बदलने का काम कर रहे हैं। हम नवीनतम तकनीक अपनाकर सुविधाओं में सुधार और आत्मनिर्भरता करके ऐसा कर रहे हैं। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) की वजह से दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा को गलत हाथों में जाने से बचाया गया है। 

मोदी ने आगे कहा, घोटालों की गुंजाइश भी खत्म हो गई। आज हम रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दे रहे हैं। हमें यह सनिश्चित करने की आवश्यकता है कि भ्रष्टाचार से जुड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही मिशन मोड पर शीघ्रता से खत्म हो।
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भ्रष्टाचारियों के खिलाफ रक्षात्मक न हों एजेंसियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने में जांच एजेंसियों को रक्षात्मक होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक एजेंडे पर काम करने की जरूरत नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में काम करना होगा।  

पीएम मोदी ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह पर विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में बृहस्पतिवार को केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के नए शिकायत प्रबंधन प्रणाली पोर्टल को लॉन्च किया। पीएम ने इस दौरान कहा, देश के नागरिकों को मुसीबतों से मुक्ति दिलाना हमारा काम है, जो रुकना नहीं चाहिए।

ध्यान रहे जिनके निजी स्वार्थ हैं वे चिल्लाएंगे, संस्थाओं का गला घोंटने की कोशिश करेंगे। लोगों को बदनाम करने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन हमें डरना नहीं है। पीएम मोदी ने कहा, भ्रष्टाचारी चाहे कितना भी ताकतवर क्यों न हो, किसी हाल में बचना नहीं चाहिए। यह सतर्कता आयोग जैसे संस्थानों की जिम्मेदारी है।

साथ ही, भ्रष्टाचार पर निगरानी में समाज व सामान्य नागरिकों की भागीदारी को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करना चाहिए। मोदी ने कहा, मैंने बहुत गालियां सुनीं, आरोप सुने, कुछ बचा नहीं। लेकिन जनता-जनार्दन ईश्वर का रूप है, वह सत्य को परखती है, सत्य को जानती है और मौका आने पर सत्य के साथ खड़ी रहती है।

भ्रष्टाचारी को राजनीतिक व सामाजिक शरण न मिले 
किसी भ्रष्टाचारी को राजनीतिक-सामाजिक शरण न मिले, हर भ्रष्टाचारी समाज के कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए, ऐसा वातावरण बनाना भी जरूरी है। -नरेंद्र मोदी, पीएम

अपराधियों का गौरवगान गलत
पीएम मोदी ने कहा, हमने देखा है कि जेल की सजा होने और भ्रष्टाचार साबित होने के बावजूद कई बार भ्रष्टाचारियों का गौरवगान किया जाता है। मोदी ने कहा, कई ऐसे ईमानदारी का ठेका लेने वाले लोग भी हैं, जो भ्रष्टाचारियों का हाथ पकड़कर फोटो खिंचवाते हैं। इन्हें शर्म नहीं आती। ये स्थिति भारतीय समाज के लिए ठीक नहीं। 

भ्रष्टाचार से लड़ाई में 80 फीसदी बेटियों को इनाम
पीएम मोदी ने भ्रष्टाचार पर लेखन और भाषण प्रतियोगिता में विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया। पीएम ने कहा, सिर्फ 20 फीसदी बेटे ही भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में इनाम ले गए, 80 फीसदी इनाम बेटियों को मिले। बेटों को भी आगे आना होगा। 

विकसित भारत के लिए विश्वास, विश्वसनीयता दोनों जरूरी : मोदी
सतर्कता जागरूकता सप्ताह में विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, विकसित भारत के लिए विश्वास व विश्वसनीयता, दोनों बहुत आवश्यक है। सरकार के ऊपर जनता का बढ़ता हुआ विश्वास, उनका आत्मविश्वास भी बढ़ाता है। भ्रष्टाचार पर प्रहार कर हमें जनता के इसी विश्वास को और बढ़ाना है।

मोदी ने कहा, देश की चार-चार पीढ़ी ने लंबे समय से चले आ रहे भ्रष्टाचार, शोषण का बहुत नुकसान उठाया है। लेकिन आजादी के इस अमृतकाल में हमें इस परिपाटी को पूरी तरह बदल देना है। आज भी कुछ लोग दोषी करार भ्रष्टाचारियों के पक्ष में भांति-भांति के तर्क देते हैं। अब तो उन्हें बड़े-बड़े सम्मान देने की वकालत की जा रही है, कभी ऐसा सुना नहीं हमने देश में।

ऐसे लोगों, ऐसी ताकतों को कर्तव्य का बोध कराना जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, प्रधान सचिव पीके मिश्रा, राजीव गाबा, सीवीसी सुरेश पटेल व अन्य उपस्थित रहे। मोदी ने कहा, मेरे आग्रह पर सीवीसी ने प्रिवेंटिव विजिलेंस पर ध्यान दिया। लेकिन इसके ऑडिट व इंस्पेक्शन का पारंपरिक तरीका अपना रहे हैं। इसको टेक्नोलॉजी पर आधारित बनाएं। ब्यूरो

इन दो वजहों से बढ़ा भ्रष्टाचार
मोदी ने कहा, भ्रष्टाचार में इजाफा व देशवासियों को आगे बढ़ने से रोकने वाली दो बड़ी वजहें रही हैं- पहली, सुविधाओं का अभाव और दूसरी, सरकार का अनावश्यक दबाव। लंबे समय तक हमारे यहां सुविधाओं का, अवसरों का अभाव बनाए रखा गया, एक गैप, एक खाई बढ़ने दी गई। इससे एक अस्वस्थ स्पर्धा शुरू हुई जिसमें किसी भी लाभ को, किसी भी सुविधा को दूसरे से पहले पाने की होड़ लग गई।

इस होड़ ने भ्रष्टाचार का इकोसिस्टम बनाने के लिए एक प्रकार से खाद-पानी का काम किया। राशन की दुकान में लाइन, गैस कनेक्शन से लेकर सिलिंडर भरवाने में लाइन, बिल भरना हो, एडमिशन लेना हो, लाइसेंस लेना हो, कोई परमिशन लेनी हो, सब जगह लाइन। ये लाइन जितनी लंबी, भ्रष्टाचार की जमीन उतनी ही समृद्ध।

जन शिकायतों का हो नियमित ऑडिट
मोदी ने कहा, जन शिकायतों का डाटा भी अहम है। सरकार के विभिन्न विभागों में लोगों की शिकायतें भेजी जाती हैं, उनके निपटारे का भी एक सिस्टम बना हुआ है। लेकिन अगर जन शिकायतों के डाटा का हम ऑडिट कर सकें, तो ये पता लगेगा कि कोई खास विभाग है कि वहां ज्यादा से ज्यादा शिकायतें आ रही हैं। कोई खास व्यक्ति है, उसी के यहां जा करके सारा मामला अटकता है।

  • विदेश पर अत्याधिक निर्भरता से भी भ्रष्टाचार : मोदी ने कहा, विदेशों पर अत्याधिक निर्भरता भी भ्रष्टाचार का बड़ा कारण रही है। दशकों तक हमारे रक्षा क्षेत्र को विदेश पर निर्भर रखा गया। इस वजह से कितने ही घोटाले हुए। आज हम रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए जो जोर लगा रहे हैं। उससे घोटाले खत्म हो गए।
  • प्रशासनिक व्यवस्था जीरो टॉलरेंस की हो : विकसित भारत के लिए ऐसा प्रशासनिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है, जो भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलेरेंस रखता हो। ये आज सरकार की नीति में,  इच्छाशक्ति में, फैसलों में हर जगह पर देखते होंगे। लेकिन यही भाव हमारी प्रशासनिक व्यवस्था के डीएनए में भी मजबूती से आनी चाहिए।  
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