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तनाव के बीच भी मुस्कुराते दिखे प्रधानमंत्री मोदी, कहा- न भारत रुकेगा न उसका विकास

Thu, 28 Feb 2019 05:04 PM IST
Gaurav Pandey अमित शर्मा, नई दिल्ली
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो) - फोटो : PMO Twitter
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लगभग युद्ध जैसी तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहे देशों के नेताओं की भाव-भंगिमा का अंतरराष्ट्रीय राजनीति में विशेष महत्त्व होता है। इस स्थिति को अच्छी तरह समझने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब गुरुवार को लाखों भाजपा कार्यकर्ताओं से नमो ऐप के जरिए संवाद किया, वह आत्मविश्वास से भरे दिख रहे थे। लगभग डेढ़ घंटे तक चली इस बात में वे कई बार कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ाते दिखे और कई मौकों पर हंसते-मुस्कुराते हुए भी दिखे। 

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उन्होंने एक बार फिर यह स्थापित करने की कोशिश की कि इस तरह के हमलों से भारत न तो रुकने वाला है, और न ही उसका विकास थमने वाला है। उन्होंने कहा कि 2019 का लोकसभा चुनाव देश के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का चुनाव होगा जिसमें उनका लक्ष्य भारत को विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना होगा।

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कार्यक्रम पर उठे सवाल, पीएम ने दिया जवाब

सीमा पर खड़े जवानों का बार-बार हौसला बढ़ा रहे प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यकर्ताओं के सवालों के बावजूद पाकिस्तान पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं की, लेकिन यह भरोसा अवश्य जताया कि ऐसे किसी भी समय में जूझने और जीतने की शक्ति भारत के पास है। पाकिस्तान में तनावपूर्ण स्थिति के बीच विपक्ष की तरफ से इस बात के सवाल उठाए जा रहे थे कि क्या प्रधानमंत्री को ऐसी स्थिति में चुनाव प्रचार का काम करना चाहिए? सोशल मीडिया में भी भाजपा के 'मेरा बूथ, सबसे मजबूत' कार्यक्रम पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

विपक्ष ने इन परिस्थितियों के बीच अपने कई कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। लेकिन, प्रधानमंत्री ने संकेतों में बताया कि भारत को किसी भी स्थिति में ठहरने नहीं देना है। उसे विश्व की बड़ी ताकत बनना है और इसके लिए जरूरी है कि वह अपने तनावपूर्ण संबंधों के बीच भी आगे बढ़ता रहे, उसकी गति न रुके। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में देश की सबसे बड़ी सेवा यही होगी कि लोग जहां हैं और जो भी काम कर रहे हैं, उसे और अधिक जोश से करें और देश सेवा में जुटे रहें।

स्वागत कराने से बचते रहे नेता

हालांकि, यह बात गौर करने वाली थी कि पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं को किसी तरह का स्वागत करने से मना कर दिया। एक कार्यकर्ता ने जैसे ही केंद्रीय मंत्री विजय गोयल का फूल-माला लेकर स्वागत करने के लिए घोषणा की, गोयल ने उन्हें बुलाकर स्थिति की नाजुकता को देख स्वागत कार्यक्रम रद्द करने का सुझाव दिया। इसके बाद अमित शाह सहित किसी भी नेता के लिए स्वागत कार्यक्रम नहीं किया गया।   

ताली बजाते हुए मुस्कुराते रहे शाह

दिल्ली में भाजपा के प्रदेश कार्यालय पर खुद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री के संदेश को सुना। वे पूरे कार्यक्रम के दौरान सरकार की उपलब्धियों के समय ताली बजाते दिखे। दिल्ली में अमित शाह के अलावा विजय गोयल, मीनाक्षी लेखी, श्याम जाजू और अन्य नेताओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने अपने संसदीय क्षेत्र उत्तर-पूर्वी दिल्ली में कार्यक्रम का आयोजन किया तो सचिव आरपी सिंह ने गुरुग्राम में मोर्चा संभाला।      

पूर्वोत्तर को दी सबसे ज्यादा अहमियत

हिंदी भाषी क्षेत्रों में भाजपा अपने अधिकतम प्रदर्शन पर पहले ही पहुंच चुकी है। महागठबंधन जैसे समीकरणों से यहां कुछ सीटों की कमी आने की ही आशंका जताई जा रही है। यही कारण है कि इस संभावित नुकसान की भरपाई करने के लिए पार्टी पूर्वोत्तर की तरफ देख रही है। अपने कार्यक्रम में भी उन्होंने इशारे-इशारे में पूर्वोत्तर को सबसे ज्यादा महत्त्व दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सबसे पहला सवाल त्रिपुरा की बूथ कार्यकर्ता रजनी बेन ने किया। दक्षिण भारत के तमिलनाडु के एक कार्यकर्ता के सवालों के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए दक्षिण भारत में भी ऐतिहासिक सफलता हासिल करेगा। 
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2019-24 में आकांक्षाओं की पूर्ति

प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के हापुड़ के कार्यकर्ता महेश के सवाल के जवाब में कहा कि अगले पांच साल देश के लोगों की जरूरतों से आगे बढ़कर उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने का काल है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के बाद भाजपा की सरकार दोबारा न आने से विकास की गति रोक दी गई थी। अगर इस बार भी भाजपा के बजाय किसी अन्य दल की सरकार आई तो भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। 

पश्चिम बंगाल के लोगों को उन्होंने धन्यवाद दिया कि वे इतनी विपरीत परिस्थितियों में भी बदलाव के लिए लड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस गठबंधन का भय दिखाया जा रहा है, वह दरअसल, महामिलावट है। यह तेल और पानी का मिलावट है जो कभी भी आपस में नहीं मिल सकते। 
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