बांग्लादेश में मनाई जा रही इसके राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की जन्मशती का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि वह पिछली शताब्दी के कद्दावर नेताओं में से एक थे, जिनका जीवन और आदर्श लाखों लोगों को प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा, उनकी स्मृति को अपना सम्मान देने के लिए मैं तुंगीपाड़ा में बंगबंधु की समाधि पर जाने के लिए उत्सुक हूं। इस बीच, प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि वह बंगबंधु के जीवन और आदर्शों को याद करने, बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई व दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों के 50 वर्ष पूरा होने के अवसर पर आयोजित समारोहों में शिरकत करने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, बांग्लादेश के साथ हमारी साझेदारी हमारी पड़ोसी प्रथम नीति का एक अहम स्तंभ है तथा हम इसे और गहरा एवं बहुआयामी बनाने को प्रतिबद्ध हैं। हम प्रधानमंत्री शेख हसीना के गजब के नेतृत्व में बांग्लादेश की उत्कृष्ट विकास यात्रा को समर्थन जारी रखेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक मोदी ने कहा कि वह पौराणिक परंपरा की 51 शक्तिपीठों में से एक प्राचीन जशोरेश्वरी काली मंदिर में देवी काली की पूजा करने का भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वह विशेष रूप से ओराकांडी में मतुआ समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ अपनी बातचीत की प्रतीक्षा कर रहे हैं जहां से श्री हरिचंद्र ठाकुर जी ने अपने पवित्र संदेश का प्रसार किया था।
मोदी ने कहा, पिछले वर्ष दिसम्बर में प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ रचनात्मक वर्चुअल बैठक के बाद, मुझे उम्मीद है कि इस यात्रा के दौरान उनके साथ गहन चर्चा होगी। मैं महामहिम राष्ट्रपति अब्दुल हमीद और अन्य बांग्लादेशी गणमान्य लोगों के साथ भी अपनी बैठक की उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहा हूं।
प्रधानमंत्री ने कहा, मेरी यात्रा प्रधानमंत्री शेख हसीना के दूरदर्शी नेतृत्व के तहत बांग्लादेश की उल्लेखनीय आर्थिक और विकासात्मक प्रगति के लिए न केवल उनकी सराहना करने का अवसर होगी, बल्कि इन उपलब्धियों के लिए भारत के सहयोग के लिए भी प्रतिबद्ध होगी।