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कोरोना पे चर्चा: पीएम मोदी बोले- 11 से 14 अप्रैल के बीच मनाएं 'टीका उत्सव', जानें मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की बड़ी बातें

Thu, 08 Apr 2021 09:20 PM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पीएम मोदी और सीएम की बैठक - फोटो : एएनआई
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देश में कोविड-19 महामारी की एक बार फिर गंभीर होती स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी हिस्सा लिया। आइए जानते पीएम मोदी ने क्या कुछ कहा...

  • बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि देश में इस बार कोविड संक्रमण की बढ़ोतरी पहले से भी तेज है। हम सब के लिए यह चिंता का विषय है। इस बार लोग पहले की अपेक्षा बहुत लापरवाह हो गए हैं।
  • पीएम मोदी ने कहा कि आज की समीक्षा में कुछ बातें हमारे सामने स्पष्ट हैं, उन पर हमें विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पहला- देश संक्रमण की पहली लहर के समय की पीक को पार कर चुका है, और इस बार संक्रमण की रफ्तार पहले से भी ज्यादा तेज है। 
  • दूसरा- महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पंजाब, मध्यप्रदेश और गुजरात समेत कई राज्य पहली लहर की पीक को भी पार कर चुके हैं। कुछ और राज्य भी इस ओर बढ़ रहे हैं। हम सबके लिए ये गंभीर चिंता का विषय है। 
  • तीसरा- इस बार लोग पहले की अपेक्षा बहुत अधिक लापरवाह हो गए हैं। अधिकतर राज्यों में प्रशासन के साथ भी ऐसी ही स्थिति नजर आ रही है। ऐसे में कोरोना मामलों की इस अचानक बढ़ोतरी ने मुश्किलें पैदा की हैं।
  • उन्होंने कहा कि इन तमाम चुनौतियों के बावजूद, हमारे पास पहले की अपेक्षा बेहतर अनुभव है, संसाधन हैं, और वैक्सीन भी है। जनभागीदारी के साथ-साथ हमारे परिश्रमी डॉक्टर्स और हेल्थ-केयर स्टाफ ने स्थिति को संभालने में बहुत मदद की है और आज भी कर रहे हैं। टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट, कोविड दिशानिर्देशों के अनुरूप व्यवहार और कोविड प्रबंधन, इन्हीं चीजों पर हमें बल देना है।
  • पीएम ने कहा कि  11 अप्रैल को ज्योतिबा फुले जयंती है और 14 अप्रैल को बाबा साहेब की जन्म जयंती है, उस बीच हम सभी ‘टीका उत्सव’ मनाएं। वैक्सीनेशन के साथ साथ हमें ये भी ध्यान रखना है कि वैक्सीन लगवाने के बाद की लापरवाही न बढ़े।
  • उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास यही होना चाहिए कि इस टीका उत्सव में हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीनेट करें। मैं देश के युवाओं से भी आग्रह करूंगा कि आप अपने आसपास जो भी व्यक्ति 45 साल के ऊपर के हैं, उन्हें वैक्सीन लगवाने में हर संभव मदद करें।
  • बैठक के अंत में पीएम मोदी ने एक बाक फिर जोर दिया कि हमें लोगों को ये बार-बार बताना होगा कि वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क और सावधानी जरूरी है। 

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'रात्रि कर्फ्यू' को 'कोरोना कर्फ्यू' नाम से प्रचलित करें: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए रात्रि कर्फ्यू को वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य एवं कारगर प्रयोग करार दिया और इसे 'कोरोना कर्फ्यू' के नाम से प्रचलित करने का आह्वान किया। बता दें कि राजधानी दिल्ली सहित कई राज्यों ने कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए रात्रि कर्फ्यू लागू किया है।

देश में तेजी से कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर मुख्यमंत्रियों के साथ वर्तमान स्थिति की समीक्षा करने के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में रात्रि कर्फ्यू की प्रासंगिकता पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए कहा कि इससे जागरूकता फैलाने में मदद मिलती है और यह लोगों को सावधानी बरतने के लिए प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि जहां पर रात्रि कर्फ्यू का प्रयोग हो रहा है, मेरा आग्रह है कि उसकी जगह हम कोरोना कर्फ्यू शब्द को प्रयोग करें ताकि कोरोना के प्रति एक सजगता बनी रहे।
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क्या कोरोना रात को ही आता है?

उन्होंने कहा कि कुछ लोग ये बौद्धिक चर्चा करते हैं कि क्या कोरोना रात को ही आता है? हकीकत में दुनिया ने भी रात्रि कर्फ्यू के प्रयोग को स्वीकार किया है। कर्फ्यू का समय होता है तो हर व्यक्ति को याद रहता है कि वह कोरोना काल में जी रहा है। रात में नौ-10 बजे कोरोना कर्फ्यू लगाएं और सुबह पांच-छह बजे हटा दें ताकि बाकी व्यवस्थाओं पर ज्यादा प्रभाव ना हो।

उल्लेखनीय है कि देश में बढ़ते कोरोना के मामलों के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन की ओर से मुंबई, नोएडा, दिल्ली लखनऊ और कुछ शहरों में रात्रि कर्फ्यू लागू किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि रात्रि कर्फ्यू को हमें कोरोना कर्फ्यू के नाम से प्रचलित करना है। इससे लोगों को जागरूक करने में मदद मिलेगी।
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