प्रगति बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अन्य
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अपने दूसरे कार्यकाल की पहली प्रगति बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2022 तक सबके लिए घर के संकल्प को दोहराया। बुधवार को हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री ने महत्वाकांक्षी योजनाओं आयुष्मान भारत और सुगम्य भारत अभियान की समीक्षा भी की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों को जल संरक्षण के प्रति अधिकतम प्रयास करने का निर्देश दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 30वीं प्रगति बैठक में पीएम आवास योजना (शहरी) से संबंधित शिकायतों के निपटारे की समीक्षा की। उन्होंने सरकार के उस संकल्प को दोहराया कि साल 2022 तक एसा कोई भी परिवार नहीं बचना चाहिए जिसके पास खुद का घर न हो। उन्होंने इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अधिकारियों को काम में तेजी लाने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना की विस्तृत समीक्षा की। प्रधानमंत्री को जानकारी दी गई कि योजना के तहत अब तक लगभग 35 लाख लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है और 16 हजार से ज्यादा अस्पताल इस योजना से जुड़ चुके हैं। प्रधानमंत्री ने राज्यों से कहा कि वह इस योजना का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कदम उठाए जाएं और सामने लाए जाएं जिससे योजना में भ्रष्टाचार को रोका जा सके।
सुगम्य भारत योजना की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सार्वजनित परिसरों में दिव्यांगजनों के सामने आने वाली समस्याओं के फीडबैक के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाए। दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए उन्होंने बड़ी जनभागीदारी और संवेदनात्मक रवैये की अपील की। इसके अलावा उन्होंने राज्यों से जल संरक्षण को लेकर कदम उठाने की अपील भी की।
प्रधानमंत्री ने रेलवे और सड़क विभाग की आठ महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की। इसके तहत बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश और गुजरात आदि राज्यों में काम चल रहा है।