पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों के आसमान में पहुंचने के बीच सोवमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस क्षेत्र में काम कर रही देश-दुनिया की नामचीन कंपनियों के मुख्य कार्यकारब अधिकारियों -सीईओ एवं विशेषज्ञों से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने तेल एवं गैस के उत्पादकों तथा ग्राहकों के बीच एक साझेदारी बनाने पर बल दिया ताकि इन उत्पादों की कीमतें कम हो सके।
सरकार से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बातया कि इस बैठक में सउदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के मंत्री के साथ साथ सउदी अरामको, एडनॉक, बीपी, रोजनेफ्ट, आईएचएस मार्किट, पायनियर नेचुरल रिसोर्स कंपनी, इमर्सन इलेक्ट्रिक कंपनी, टेलुरियन, मुबाडला इंवेस्टमेंट कंपनी, स्लमबर्गर लिमिटेड, वुड मेकेंजी, विश्व बैंक, इंटरनेशनल इनर्जी एजेंसी, एनआईपीएफपी, ब्रूकिंग्स इंडिया लिमिटेड के साथ साथ कच्चे तेल के उत्पादन तथा पेट्रोलियम पदार्थों के विपणन क्षेत्र में काम कर रही भारतीय कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। इस बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार और नीति आयोग समेत कई मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि पेट्रो क्षेत्र तेल उत्पादक कंपिनयों के प्रभुत्व से चल रहा है। बेहतर हो कि तेल उत्पादकों एवं ग्राहकों के बीच एक तरह की साझेदारी विकसित हो, ताकि अंतिम उपभोक्ता के लिए ऊर्जा की कीमतें कम हो सके। उनका कहना है कि भारत जैसे देश, जहां आवश्यकता के अनुरूप अधिकतर कच्चा तेल का आयात करना पड़ता है, महंगे तेल की वजह से कई तरह की दिक्कतें पैदा हो जाती हैं। वहां अर्थव्यवस्था की अन्य गतिविधि चलाने के लिए संसाधनों का गंभीर संकैट हो जाता है। लेकिन दोनों कंपनियां यदि साझेदारी कर ले तो इस संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
मोदी ने इस बैठक में भारत सरकार द्वारा इस क्षेत्र के विकास के लिए उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया किस तरह से गहरे समुद्र से निकाली गई गैस की कीमतें तय करने की नीति को उदार बनाया गया है। ऐसा इसलिए ताकि इस क्षेत्र में दुनिया भर की बेहतरीन तकनीक यहां आ सके।