केंद्र सरकार भारतीय सेना की ताकत में और इजाफा करने वाली है। पीएम मोदी 660 मिलियन डॉलर यानी करीब 44 अरब 97 करोड़ 57 लाख रुपये की डील पर मुहर लगाने वाले हैं। इस रकम से सेना के तोपखाने को मजबूत बनाने की कवायद के चलते भारत की लार्सन एंड टुब्रो कंपनी दक्षिण कोरिया की हानव्हा टेकविन के साथ मिलकर होवित्जर तोपों को भारतीय पृष्ठभूमि और मौसम के हिसाब से तैयार करेगी। इस डील के बारे में पिछले तीन वर्षों से कोशिश जारी है। उम्मीद की जा रही है कि अगले संसद के सत्र में इस डील को आखिरी रूप दे दिया जाएगा।
कहा जा रहा है कि यह डील प्रधानमंत्री मोदी की सेना के लिए 250 बिलियन डॉलर यानी करीब 170 खरब 38 अरब 75 करोड़ रुपये खर्च करने वाली योजना का हिस्सा है। पीएम मोदी ने कहा था कि इस सेना पर खर्च की जाने वाली इस रकम से 30 वर्षों से चली आ रही कमी को दूर किया जाएगा। सेना पर यह रकम इसलिए खर्च करना जरूरी है क्योंकि भारत में आए दिन पड़ोसी चीन और पाकिस्तान अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने की फिराक में बने रहते हैं।
सेना पीएम मोदी के कार्यकाल में अपनी हर कमी को पूरा कर लेना चाहती है। मीडिया खबरों के मुताबिक सैन्य बेड़े के लिए जरूरी असलहा-बरूद की खरीद-फरोख्त में देरी की वजह नौकरशाही का रवैया रहा। सेना को उम्मीद है कि पीएम मोदी से स्वप्न 'मेक इन इंडिया' के तहत भारतीय सेना की हर कमी पूरी की जाएगी।