प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि डिजिटल इंडिया दलाली रोकने का अभियान है। इससे दलाल और बिचौलिये परेशान हैं। डिजिटल इंडिया के लाभार्थियों से चर्चा में मोदी ने कहा कि अब डिजिटल सुविधाएं देश के हरेक नागरिक को उपलब्ध है। रेलवे टिकट, रसोई गैस, बिजली-पानी का बिल भरना आसान हुआ है। छात्रों की पहुंच डिजिटल पुस्तकालय के जरिए लाखों किताबों तक बनी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब डिजिटल इंडिया शुरू हुआ था तो एक संकल्प था कि देश के सामान्य व्यक्ति, गरीब, किसानों, युवाओं और गांवों को डिजिटल की दुनिया से जोड़ना है, उन्हें सशक्त करना है। ये संकल्प आज पूरा होता नजर आ रहा है।
मोदी ने कहा कि हमने डिजिटल इंडिया की शुरुआत बहुत कम चीजों को ध्यान में रखकर की थी हमारा मानना था कि जिस तकनीक का शहरी भारतीय उठा रहे हैं, उसी फायदा ग्रामीणों को भी उठाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज गांव में पढ़ने वाला विद्यार्थी सिर्फ अपने स्कूल-कॉलेज में उपलब्ध किताबों तक सीमित नहीं है। वह इंटरनेट का इस्तेमाल कर डिजिटल पुस्कालय के जरिए लाखों किताबों को हासिल कर रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि आज लाखों की संख्या में युवा ग्रामीण स्तर उद्यमी (वीएलए) के रूप में काम कर रहे हैं। खुशी की बात है कि इनमें 52 हजार महिला उद्यमी काम कर रही हैं। देश में करीब तीन लाख सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) खोले जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि इस क्रांति ने पूरे देश को एक सूत्र में बांध दिया है। पहले कॉल सेंटर बड़े शहरों में हुआ करता था, लेकिन डिजिटल होने के बाद चीजें बदल चुकी हैं और अब उत्तर पूर्व के राज्य तेजी से बीपीओ के नए हब के रूप में उभर रहा है। इससे आईटी क्षेत्र में करीब दो लाख रोजगार के अवसर बनेंगे। इन योजनाओं के लिए लगभग साढ़े पांच सौ करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
प्रधानमंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए तकनीकी से जुड़े लाभार्थियों से मुखातिब थे। इस दौरान वह देश के कई लाभार्थियों से ऐप के जरिए जुड़े और कई सामान्य सेवा केंद्रों में पहुंचे लाभार्थियों को संदेश दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक के सहारे आज घर बैठे-बैठे रेलवे की टिकट बुक कर सकते हैं।
ऑनलाइन अपने बिल जमा करा सकते हैं। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ये डिजिटल इंडिया का लाभ सिर्फ कुछ लोगों तक सीमित ना रहे। इसका फायदा सभी को हो। हमने हर पहलू पर ध्यान दिया है। पेंशन लेने वाले बुजुर्गों को अब जिंदा होने का प्रमाण पत्र नहीं देना पड़ता है।
डिजिटल सेवाएं देश के हर नागरिक को उपलब्ध हैं। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान पीएमजी दिशा शुरू की। इस अभियान के तहत 6 करोड़ लोगों को डिजिटल कौशल और प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। डिजिटल इंडिया को आगे बढ़ाना है। यह एक ऐसी लड़ाई है जो दलाल बनाम डिजिटल इंडिया है। दलाली रोकने का काम डिजिटल इंडिया कर रहा है।