नए साल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूज एजेंसी एएनआई को पहला इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू में पीएम ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने राम मंदिर से लेकर नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक पर अपनी बात जनता के सामने रखी।
-राम मंदिर पर अध्यादेश नहीं लाया जाएगा। कानूनी प्रक्रिया से मामला सुलझाया जाएगा। इस पर कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जाएगा।
-जिन्होंने चार पीढ़ी तक देश पर शासन किया, अब जमानत पर हैं वो भी वित्तीय अनियमितता के चलते। ये बड़ी बात है।
-2019 का चुनाव महागठबंधन बनाम जनता।
-नोटबंदी कोई झटका नहीं था, हमने एक साल पहले ही जनता को बता दिया था कि अगर आपके पास काला धन है तो जमा कर दीजिए, कुछ जुर्माना भर दीजिए। लेकिन उन्हें लगा कि मोदी भी बाकियों की तरह ऐसे ही बोल रहे हैं।
- सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे पर: एक लड़ाई से पाकिस्तान सुधर जाएगा यह सोचना बहुत बड़ी गलती है, उसे सुधारने के लिए हमें और समय चाहिए।
- सर्जिकल स्ट्राइक का फैसला एक बड़ा रिस्क था, लेकिन मुझे अपने सैनिकों की बेहद फिक्र थी।
-टैक्स देने वालों की संख्या बढ़ी है, ये हमारी सफलता है।
-आर्थिक अपराधियों को भागना क्यों पड़ा, इसलिए पड़ा क्योंकि यहां पर कानून का पालन करना पड़ेगा, पाई पाई चुकता करना पड़ेगा। उन्हें लाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय कानून का इस्तेमाल किया जाता है। उनकी संपत्ति जब्त करने का कानून बनाया है। आज नहीं तो कल कभी न कभी आएंगे। हम पाई पाई वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
- जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स बोलने के सवाल पर कहा- जिसकी जैसी सोच उसके वैसे ही शब्द होते हैं। जीएसटी की वजह से सामान पर टैक्स कम हुआ है। पहले हर मुकाम पर टैक्स लगता था।
-क्या मिडिल क्लास के लिए आपके पास कुछ है? जवाब- हमें सोच बदलनी पड़ेगी। मिडिल क्लास स्वाभिमान से चलने वाला वर्ग है। वह किसी की दया पर नहीं जीता। नीचे के तबके को कुछ मिलना चाहिए, ऐसा मिडिल क्लास सोचता है। महंगाई घटाई है और इसका फायदा मिडिल क्लास को मिला है। मुद्रा योजना चलाई है। 15 करोड़ मुद्रा लोन दिए गए। सबसे ज्यादा फायदा मिडिल क्लास को मिला है। हमने मिडिल क्लास को घर बनाने के लोन में छूट दी है।
-सिर्फ कर्जमाफी से किसानों का भला नहीं होगा। स्थिति बनानी चाहिए कि किसान कर्ज ना लें।
-तीन तलाक पर अध्यादेश सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लाया गया। लेकिन राम मंदिर का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। संविधान के तहत ही काम करेंगे। मंदिर पर कानूनी प्रक्रिया के बाद ही अध्यादेश पर विचार। कांग्रेस के वकीलों ने सुनवाई में रुकावट डाली।
-लिचिंग जैसी घटनाएं सभ्य समाज को शोभा नहीं देता, गलत है निंदनीय है। लेकिन ऐसा क्या 2014 के बाद ही हुआ। ये समाज के अंदर से हुआ। हम सबको मिलकर काम करना होगा। इस सरकार को करना चाहिए उस सरकार को करना चाहिए इसमें नहीं पड़ना चाहता, एक भी घटना हुई है तो निंदनीय है। हमें दूसरों की भावनाओँ का आदर करना चाहिए।
-इस्लामिक देशों में तीन तलाक पर बैन लगाया है। इसलिए यह आस्था , धर्म का मामला नहीं है। पाकिस्तान में भी इस पर रोक है। यह सामाजिक न्याय का मसला बनता है, धार्मिक आस्था का नहीं। भारत में मत रहा है कि सभी को समान हक मिलना चाहिए।
-कोई गठबंधन बन रहा है, ऐसी मेरी कोई जानकारी नहीं है। मुझे केसीआर के महागठबंधन की कोई जानकारी नहीं है। ये क्यों बन रहा है। 5 साल हो गए महागठबंधन ने देश के हालात को लेकर कुछ कहा है क्या। अभी भी वहां से दो विचार निकलते हैं, एक सुर में कुछ बोला है क्या। उनका इरादा एकमात्र इरादा मोदी के विरोध में एकजुट होना है। भारत की जनता एजेंडा तय करेगी। जनता जानती है कि पहले राज्य को लूटने वाले और केंद्र को लूटने वाले एक साथ आ रहे हैं।
-इस बार का चुनाव देश की जनता की आकांक्षा का चुनाव है। जनता ही इस बार निर्णायक है।
-हम सभी दलों को लेकर साथ चले हैं। साथी दल भी आगे बढ़ना चाहेंगे। हम नहीं चाहेंगे कि उनकी कीमत पर हम ही आगे बढ़ें। ये सभी दल कांग्रेस से निकलकर उसके खिलाफ आवाज उठाकर आगे आए हैं। महागठबंधन में ऐसे ही दल हैं। लेकिन जो भी हमसे जुड़ता है फलता है फूलता है। हमारे साथी दल सुखी हैं।
-संसद में मैंने राफेल पर जवाब दिया। जो लोग सेना पर आरोप लगाते हैं, मुझे अपने उपर लगने वाले आरोप का जवाब देना चाहिए या सेना को मजबूत करना चाहिए। मैं सेना को उसके नसीब पर नहीं छोड़ूंगा, मैं प्रक्रियाओं के तहत साजो सामान मुहैया कराऊंगा। मैं देश के सेना को दुर्बल नहीं कर सकता, निहत्था नहीं कर सकता। सेना की जो जरूरत है पूरी होनी चाहिए।
-सर्जिकल स्ट्राइक का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। किसी भी मंत्री ने जानकारी नहीं दी, मैंने भी नहीं दी। सेना ने खुद इसके बारे में बताया था। पाकिस्तान को भी जानकारी दी गई थी। देश का दुर्भाग्य है कि उसी दिन कुछ दलों ने इस पर सवाल उठाए। वे उदाहरण पाकिस्तान का दे रहे थे। देश के लिए अनाप शनाप बोल रहे थे। सेना के पराक्रम का जिक्र होना चाहिए। गौरवगान हम नहीं तो कौन करेगा।
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