पीएम ने बेरोजगारी के मुद्दे पर हो रही आलोचनाओं को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, रोजगार को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है। उनकी सरकार की नीति रोजगार पैदा करने वाली रही हैं। पीएम ने कहा, संगठित क्षेत्र 10 फीसदी रोजगार देता है। शेष 90 फीसदी रोजगार असंगठित क्षेत्र से आता है। पिछले एक साल में 18 से 25 साल की आयु के युवाओं के 70 लाख नए रिटायरमेंट फंड या ईपीएफ खाते खोले गए हैं। क्या यह नए रोजगार को नहीं दर्शाता। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का कोई आंकड़ा नहीं है।
2014 के बाद नए सीए, वकील, डॉक्टर और कंसलटेंट ने काम करना शुरू किया है। पिछले तीन साल के दौरान सड़क निर्माण का काम दोगुना हो गया, क्या यह सब बिना लोगों को रोजगार दिए हुआ है। हम रेल पटरियों को भी डबल कर रहे हैं। इसके साथ-साथ विद्युतीकरण, बंदरगाहों के निर्माण का काम तेजी पकड़ रहा है, क्या यह सब बिना रोजगार दिए हो रहा है।
जब उनसे यह पूछा गया कि यह 2019 के आम चुनाव से पहले उनकी सरकार का अंतिम पूर्ण बजट होगा, तो मोदी बोले, यह वित्त मंत्रालय का मामला है और वह इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा, ‘लेकिन जिन लोगों ने मुझे गुजरात के मुख्यमंत्री और पीएम के रूप में काम करते हुए देखा है, वो जानते हैं कि आम आदमी मुफ्त चीजों और रियायतों की उम्मीद नहीं रखता। यह एक मिथक है। आम आदमी ईमानदार सरकार चाहता है। उनकी सरकार आम आदमी की जरूरतों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए फैसले ले रही है।’
क्या पहली फरवरी को आने वाला बजट लोकलुभावन होगा? इस पर उन्होंने कहा, यह तय कर लेने की जरूरत है कि देश को अगर विकास करना है तो उसे मजबूत बनना होगा। क्या राजनीतिक संस्कृति, कांग्रेस की संस्कृति को अनुसरण किया जाना चाहिए? किसानों के मुद्दे पर पीएम ने कहा, यह केंद्र और राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि वे किसानों से जुड़े मुद्दों की पहचान कर उन्हें हल करें।