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PM Modi: पीएम मोदी ने की ऋषि सुनक से बात, भारतीय दूतावास की सुरक्षा का मुद्दा उठाया; इन मामलों पर भी हुई बात

Thu, 13 Apr 2023 11:25 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में 19 मार्च को पंजाब पुलिस ने खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। अगले ही दिन यानी 20 मार्च को कुछ खालिस्तान समर्थकों ने ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग पर हमला कर दिया गया था। इसे लेकर भारत ने नाराजगी जताई थी।
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पीएम मोदी और ऋषि सुनक (फाइल) - फोटो : Social Media
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात अपने ब्रिटिश समकक्ष ऋषि सुनक से बात की। यह बातचीत टेलीफोन के जरिए हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने ब्रिटेन में भारतीय राजनयिक सुविधाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने ऋषि सुनक से भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

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जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से टेलीफोन पर हुई बातचीत में आर्थिक मामलों के अपराधियों के प्रत्यर्पण से जुड़े मामलों की रिपोर्ट पर भी चर्चा की। उन्होंने ऐसे मामलों की प्रगति की रिपोर्ट भी मांगी। पीएम मोदी के साथ बातचीत में ब्रिटिश पीएम ऋषि सनक ने भारत की चल रही जी20 अध्यक्षता के लिए ब्रिटेन के पूर्ण समर्थन को दोहराया।

20 मार्च को भारतीय उच्चायोग को बनाया गया था निशाना
दरअसल, भारत में 19 मार्च को पंजाब पुलिस ने खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। अगले ही दिन यानी 20 मार्च को कुछ खालिस्तान समर्थकों ने ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग पर हमला कर दिया गया था।  इस दौरान तिरंगे का अपमान किया गया और परिसर में तोड़फोड़ भी की गई थी। बताया जा रहा था कि घटना के समय भारतीय उच्चायोग के बाहर सुरक्षा व्यवस्था नाम मात्र थी, जिसके कारण हमलावर घटना को आसानी से अंजाम दे सके थे।
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ब्रिटेन के वरिष्ठतम राजनयिक को तलब किया था
घटना के बाद भारत ने इसका विरोध दर्ज कराने के लिए ब्रिटेन के वरिष्ठतम राजनयिक को तलब किया था। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा था कि जिस वक्त भारतीय उच्चायोग परिसर में यह घटना हुई, उस वक्त वहां से सुरक्षाकर्मी पूरी तरह से नदारद थे। इसे लेकर ब्रिटिश उच्चायुक्त से स्पष्टीकरण मांगा गया था। सरकार ने कहा था कि यह विएना कन्वेंशन का भी उल्लंघन है। सरकार ने ब्रिटिश उच्चायुक्त से घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की थी।

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