प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को सेशेल्स के राष्ट्रपति वावेल रामखेलावन के साथ एक उच्च स्तरीय कार्यक्रम में शामिल हुए। वर्चुअल रूप से आयोजित हुए इस कार्यक्रम में दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से सेशेल्स में नई मजिस्ट्रेट कोर्ट इमारत का ई-उद्घाटन किया।
भारत ने सेशेल्स को एक फास्ट पैट्रोल वेसेल (तीव्र गश्ती नौका) और एक मेगावाट की क्षमता वाले एक सौर ऊर्जा संयंत्र सौंपा। इसके साथ ही मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति ने 10 उच्च प्रभाव वाली सामुदायिक विकास परियोजनाओं (एचआईसीडीपी) का उद्घाटन भी किया।
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मोदी ने कहा, वावेल रामखेलावन भारत के बेटे हैं और उनकी जड़ें बिहार के गोपालगंज में हैं। आज न केवल उनके गांव के लोग बल्कि सभी भारतीय उनकी उपलब्धियों पर गर्व महसूस कर रहे हैं। उनका राष्ट्रपति चुना जाता बताता है कि सेशेल्स की जनता जनसेवा के प्रति समर्पित है।
मोदी ने कहा कि यह भारत के लिए गर्व की बात है कि कोविड-19 महामारी से मुकाबला करने में हम सेशेल्स के साथ मजबूत साझेदार के रूप में काम कर रहे हैं। संकट के समय में हमने भारत में बनी कोरोना वैक्सीन की 50 हजार खुराकें और दवाइयां सेशेल्स भेजी है।
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सेशेल्स के राष्ट्रपति ने कहा, कोविशील्ड की 50 हजार खुराकें आपने दीं, भारतीय एकजुटता का इससे बेहतर उदाहरण और क्या हो सकता है। अगर हम अप्रैल 2021 तक 70 फीसदी हर्ड इम्यूनिटी हासिल करने के लक्ष्य के पास पहुंचते हैं तो इसमें इसका अहम भूमिका है।
उन्होंने कहा, दो महीने से भी कम समय के अंदर हम भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की आधिकारिक स्थापना की 45वीं सालगिरह मना रहे होंगे। भारत से हमें जो सहयोग प्राप्त हुआ है उसने सेशेल्स के सामाजिक और आर्थिक विसाक में अहम योगदान दिया है।