एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदलने के लिए तैयार अध्यादेश के मसौदे पर अंतर मंत्रालयी विचार-विमर्श शुरू हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में इस एक्ट के तहत आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सामाजिक न्याय मंत्रालय ने यह मसौदा तैयार किया है। सुप्रीम कोर्ट में दायर सरकार की पुनरीक्षण याचिका पर विपरीत फैसला आने पर इसे केंद्रीय कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मामले की अगली सुनवाई 16 मई को है और काफी कुछ कोर्ट के निर्णय पर निर्भर करता है।
एक अन्य सरकारी अधिकारी ने कहा कि कैबिनेट की मंजूरी के लिए मसौदे को पेश किए जाने की किसी तारीख को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं हुई है लेकिन अध्यादेश को लाए जाने की वजहों का विस्तृत नोट विचार-विमर्श के लिए मंत्रालयों को भेज दिया गया है। प्रस्तावित अध्यादेश के जरिए यह स्पष्ट किया जाएगा कि कानून के प्रावधान पहले की तरह वैध रहेंगे। अध्यादेश के एक बार लागू हो जाने का मतलब होगा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश पलट जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि अध्यादेश से पहले के प्रावधानों के फिर से लागू होने से देशभर में व्याप्त तनाव शांत हो जाएगा। उनका कहना है कि मानसून सत्र के दौरान सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटने के लिए संसद में बिल लाना दूसरा विकल्प है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अपने 20 मार्च के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।