प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच सूत्र देश को जानलेवा बीमारी टीबी से मुक्ति दिलाएंगे। दुनिया में सबसे पहले भारत इस बीमारी से आजाद होगा। इसके लिए पीएम मोदी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सात साल का लक्ष्य देते हुए साल 2025 तक टीबी मुक्त भारत का ऐलान किया है। इस मुकाम को हासिल करने के लिए उन्होंने पांच सूत्र एक्टिव केस, मॉनीटरिंग, शोध, निशुल्क दवाएं और निजी स्वास्थ्य क्षेत्र भी दिये हैं, जिनकी बदौलत जल्द ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय इस लक्ष्य को पूरा करेगा।
मंगलवार को राजधानी में शुरू हुए दिल्ली एंड टीबी शिखर सम्मेलन के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा क्षय रोग (टीबी) को 25 साल पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इमरजेंसी घोषित किया था। तब से लेकर अलग-अलग देशों में इसकी रोकथाम के लिए प्रयास किए हैं। देश में टीबी की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर काम किया है। बावजूद इसके टीबी को रोकने में हम अब भी पूरी तरह सफल नहीं हो पाए।
उन्होंने कहा, जब कोई कार्य बीस साल से किया जा रहा है, और उसके नतीजे वैसे नहीं आते हैं जैसी की अपेक्षा की गई थी, तो हमें अपनी अप्रोच बदलकर देखना चाहिए। जमीन पर जिन तरह से काम हो रहा है, उसकी बहुत व्यापक तरीके से समीक्षा करने की आवश्यकता होती है। उन्होंने प्रशंसा जाहिर करते हुए कहा कि डब्ल्यूएचओ साउथ ईस्ट एशिया और भारत सरकार के साथ स्टॉप टीबी प्रोग्राम के संयुक्त प्रयासों से टीबी पर जल्द रोकथाम पाई जा सकेगी।
बता दें कि देश में हर दिन करीब छह हजार लोग टीबी से पीड़ित हो रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, देश में अब तक टीबी के 14 लाख मरीज पंजीकृत हो चुके हैं। जबकि 10 लाख मरीज पहुंच से बाहर हैं। चार महीने पहले ही खत्म हुए एक्टिव केस सर्वे के तहत तीन करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग में 27 हजार नए मरीज टीबी के सामने आए थे। जिन्होंने न कभी दवा ली है न ही किसी अस्पताल में जांच कराई है। इसी बीमारी की रोकथाम पर दिल्ली के विज्ञान भवन में शुरू हुए इस दो दिवसीय सम्मेलन में कई देशों के स्वास्थ्य मंत्री भी शामिल हुए।
पीएम ने दिया लक्ष्य, हमनें लिया संकल्पः केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री
JP NADDA
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बताया कि सम्मेलन के दौरान टीबी को अगले सात वर्ष के भीतर खत्म करने के लिए रणनीति पर चर्चा होगी। उन्होंने स्वास्थ्य को तरजीह देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले वर्ष दुनिया भर के देशों ने साल 2030 तक टीबी को खत्म करने का संकल्प लिया, लेकिन पीएम मोदी ने स्वास्थ्य विभाग को पांच वर्ष पहले वर्ष 2025 तक भारत को टीबी से मुक्ति दिलाने का लक्ष्य दिया है। जिसे तय समय पर पूरा किया जाएगा।
मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों को लिखी चिट्ठी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि टीबी को भारत से मिटाने के लिए राज्य सरकारों की भी बड़ी भूमिका है। इसलिए सभी राज्यों को अपने साथ लेकर चलने के लिए उन्होंने खुद मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखकर इस अभियान से जुडने का आग्रह किया है। उन्होंने देश की करोड़ों जनता से अपील करते हुए कहा कि इस अभियान से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जुडना चाहिए। जिन्हें टीबी की बीमारी है, उनसे भेदभाव न करते हुए उन्हें पूरा इलाज लेने का आग्रह करना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो वो दिन दूर नहीं जब %टीबी फ्री गांव, पंचायत, जिला या राज्य के उदाहरण दिए जाएंगे।
अपनी जीत के दो उदाहरण दिए
पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी मिशन को सफल बनाने के लिए चुनौतियां हजार होती हैं। लेकिन उनकी सरकार ने टीकाकरण और स्वच्छता की दिशा में ऐतिहासिक बदलाव किया है। जहां मिशन इंद्रधनुष ने गांव-गांव तक टीकाकरण को पहुंचा दिया है। वहीं, स्वच्छता की बदौलत अगले वर्ष 2019 तक भारत खुले में शौच से मुक्त होने की राह पर है। उज्जवला योजना के जरिए 8 करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन दिए। ताकि महिलाओं को चूल्हा न फूंकना पड़े, क्योंकि इससे उनके फेफड़े खराब हो रहे थे।